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आलू, पनीर और प्याज नहीं इस बार बनाएं गुड़ का पराठा और अपने बचपन को जिएं फिर एक बार, नोट करें रेसिपी

सर्दियों में बनने वाला गुड़ का पराठा यानी गुड़ड़ी, बचपन की यादों और देसी स्वाद से भरी आसान रेसिपी, जिसे हर कोई पसंद करता है.

आलू, पनीर और प्याज नहीं इस बार बनाएं गुड़ का पराठा और अपने बचपन को जिएं फिर एक बार, नोट करें रेसिपी
गुड़ का पराठा स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है.

Gud Ka Paratha: सर्दियों के मौसम में कुछ ऐसी चीजें जरूर होती हैं जिनको बिना खाए सर्दियां अधूरी सी लगती हैं. सर्दियों में अगर गुड़ का पराठा जिसे गुड़ड़ी नाम से भी जाना जाता है. अगर ये नहीं खाया तो फिर सर्दी अधूरी सी लगती है. बचपन की यादों से लेकर ससुराल की रसोई तक, ये स्वाद हर जगह एक जैसा अपनापन लेकर आता है. सर्दी की सुबह और धूप में बैठी हल्की गर्माहट के साथ इस पराठे की खुशबू और स्वाद मन को मोह लेती है.

सर्दियों की जान है गुड़ का पराठा

आपको बता दें कि गुड़ का पराठा सिर्फ एक रेसिपी नहीं है बल्कि ये एक एहसास है जो हमें हमारी बचपन की यादों में वापस ले जाता है. बचपन में मम्मी प्यार से बनाकर खिलाती थीं और शादी के बाद वही प्यार ससुराल में मिल जाए तो कहना ही क्या.

कैसे बनती है गुड़ड़ी

तो चलिए अब जानते हैं कि गुड़ड़ी कैसे बनती है. आपको बता दें कि इसको बनाना मुश्किल नहीं, बस आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. सबसे पहले रोटी का आटा गूंथ लेना हैं, बस ध्यान रखें कि आटा थोड़ा कड़क हो. फिर उसकी लोई बेलकर बीच में गुड़ की फिलिंग कर लें. ऊपर से थोड़ा पानी लगाकर किनारे सील कर दें जैसे गुजिया को बंद करते हैं. बस ध्यान यही रखना है कि पराठा खुले नहीं.

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अब तवे पर थोड़ा सा घी डालें और पराठे को धीरे-धीरे धीमी आंच पर फ्राई करें. आप चाहें तो इसे कम घी में भी पका सकती हैं.  इसको पलटते वक्त सावधानी बहुत जरूरी है, ताकि पराठा टूटे नहीं. दोनों तरफ से अच्छे से सुनहरा हो जाए, तो समझिए गुड़ड़ी तैयार है. गरमा-गरम पराठा खोलिए, अंदर से पिघला गुड़ और ऊपर से देसी घी. इसे खाने के बाद आपप इसके स्वाद में खो जाएंगे. 

क्यों खास है गुड़ड़ी

सर्दियों में गुड़ का सेवन करना शरीर को अंदर से गर्म बनाए रखने मे मदद करता है. यही वजह है कि पुराने समय में कई खाने की चीजों को बनाने में गुड़ का इस्तेमाल किया जाता था.गुड़ड़ी पेट भी भरती है और मीठा खाने की क्रेविंग भी खत्म कर देती है. ऊपर से देसी घी का तड़का इसे और खास बना देता है.

हर घर की अपनी गुड़ड़ी

बता दें कि इसे अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है. किसी के यहाँ इसे तवे पर सेंका जाता है, तो कहीं हल्का डीप फ्राई किया जाता है. कुछ लोग इसे मोटा बनाते हैं तो कुछ लोग पतला. लेकिन एक चीज हर जगह सेम रहती है वो है इसका स्वाद.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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