FSSAI Guidelines on Egg Expiry Dates: अब तक आपने दूध, ब्रेड और पैकेट वाले खाने पर एक्सपायरी डेट देखी होगी, लेकिन अब अंडे पर भी यह जानकारी साफ-साफ लिखी जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल से नया नियम लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत हर अंडे पर उसकी लेड डेट (जिस दिन अंडा दिया गया) और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य होगा. इसका मकसद उपभोक्ताओं को सुरक्षित और ताजा अंडा उपलब्ध कराना है. कई बार लोग बिना जानकारी के पुराने अंडे खा लेते हैं, जिससे सेहत पर असर पड़ सकता है. इस फैसले से न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि अंडा व्यापार में भी सुधार आएगा. अब सवाल है आखिर अंडे की एक्सपायरी तय कैसे होती है?
अंडे की एक्सपायरी डेट कैसे तय होती है? | How is the Expiration Date of Eggs Determined?
अंडे की एक्सपायरी कोई फिक्स तारीख नहीं होती, बल्कि यह उसके स्टोरेज और हैंडलिंग पर निर्भर करती है. आमतौर पर अंडा देने के दिन से ही उसकी फ्रेशनेस गिनी जाती है. सामान्य तापमान (लगभग 30डिग्री) पर अंडा करीब 14 दिन तक सुरक्षित रहता है. अगर सही तरीके से फ्रिज में रखा जाए (2-8 डिग्री), तो यह लगभग 5 हफ्ते तक सुरक्षित रह सकता है. यानी एक्सपायरी डेट असल में स्टोरेज कंडीशन और समय का मिश्रण है.

FSSAI Egg Guidelines: अगर सही तरीके से फ्रिज में रखा जाए (2-8 डिग्री), तो यह लगभग 5 हफ्ते तक सुरक्षित रह सकता है.
नया नियम क्यों जरूरी है?
सरकारी जांच में पाया गया कि कई जगहों पर पुराने अंडे बिना जानकारी के बेचे जा रहे थे.
- उपभोक्ताओं को यह पता ही नहीं चलता था कि अंडा कितना पुराना है.
- इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है.
- व्यापार में पारदर्शिता की कमी थी.
अंडे को लेकर FSSAI की गाइडलाइंस:
अंडे की ताजगी और उसे कितने दिन तक स्टोर कर सकते हैं इसको लेकर FSSAI की साफ गाइडलाइन्स हैं:
- अंडे लगभग 10-12 दिन तक सामान्य तापमान (28 से 30 डिग्री के बीच) पर ताजे रहते हैं.
- अगर तापमान ज्यादा हो जाए, तो यह समय और कम हो जाता है.
- फ्रिज में रखने पर यही अंडे 4-5 हफ्ते तक सुरक्षित रह सकते हैं.
यानी एक्सपायरी डेट एक तय दिन नहीं बल्कि लेड डेट और स्टोरेज कंडीशन पर बेस्ड होती है.

तापमान का कितना बड़ा रोल है?
- अंडे की क्वालिटी पर सबसे ज्यादा असर तापमान का ही होता है.
- ज्यादा गर्मी में अंडे के अंदर बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं.
- ठंडे तापमान में बैक्टीरिया की ग्रोथ धीमी हो जाती है, जिससे अंडा ज्यादा समय तक सुरक्षित रहता है.
- बार-बार तापमान बदलने से भी अंडा जल्दी खराब हो सकता है.
इसी वजह से फूड सेफ्टी नियम कहते हैं कि अंडों को सब्जियों के साथ स्टोर नहीं करना चाहिए, क्योंकि दोनों के लिए अलग तापमान जरूरी होता है.
FSSAI की स्टोरेज गाइडलाइंस:
FSSAI ने अंडों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी नियम बताए हैं:
- अंडों को फ्रिज में अलग ट्रे में रखें, सब्जियों के साथ नहीं.
- बार-बार तापमान बदलने से बचें.
- टूटे या गंदे अंडे इस्तेमाल न करें (इनसे बैक्टीरिया का खतरा ज्यादा होता है)
- अंडे को खरीदने के बाद जल्द से जल्द ठंडे स्थान पर रखें.
FSSAI का साफ कहना है कि स्टोरेज का तरीका उतना ही जरूरी है जितना समय.
रिसर्च क्या कहती है?
कुछ रिसर्च भी यही बात साबित करती है कि तापमान सबसे बड़ा फैक्टर है:
- ज्यादा तापमान पर बैक्टीरिया (जैसे Salmonella) तेजी से बढ़ते हैं.
- रिसर्च के अनुसार 30 डिग्री के आसपास बैक्टीरिया कुछ ही दिनों में तेजी से बढ़ सकते हैं.
- अमेरिका की FDA गाइडलाइन के अनुसार अंडों को 4 से 7 डिग्री से नीचे रखना जरूरी है.
उपभोक्ताओं के लिए क्या बदल जाएगा?
यूपी सरकार के इस फैसले के बाद आम लोगों को कई फायदे होंगे:
- अब आप आसानी से ताजा और पुराना अंडा पहचान सकेंगे.
- खरीदते समय ज्यादा जागरूक रहेंगे.
- खराब अंडा खाने का जोखिम कम होगा.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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