यूरिक एसिड की परेशानी से जूझ रहे मरीजों को अपने डाइट में प्यूरीन रिच डाइट न लेने की सलाह दी जाती है. क्योंकि ऐसे आहार का सेवन करने से यूरिक एसिड का अटैक आ सकता है, जिसकी वजह से दर्द, सूजन और लालिमा की शिकायत बढ़ जाती है. दरअसल, जब आप इस तरह के आहार का सेवन करते हैं, तो जोड़ों में यूरिक एसिड जमा होने लगते हैं, जिसकी वजह से तीखे क्रिस्टल बन सकते हैं, जिससे गाउटकी समस्या हो सकती है. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या यूरिक एसिड में दूध पी सकते हैं? अगर आपके मन में भी इस तरह का सवाल है, तो यहां इसका जवाब जानते हैं. आइए जानते हैं क्या यूरिक एसिड में दूध पी सकते हैं या नहीं?
क्या यूरिक एसिड में दूध पीना चाहिए?
आर्थराइटिस फाउंडेशन के अनुसार, यूरिक एसिड में लो फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना सही माना जाता है. इस तरह के प्रोडक्ट्स के सेवन से यूरिक एसिड का लेवल कम हो सकता है, जिससे गाउट के अटैक का खतरा कम हो सकता है. वहीं, लो फैट दूध की बात करें, तो इसमें ऐसे प्रोटीन होते हैं, जो शरीर से यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए बाहर करने में मददगार साबित हो सकते हैं.
क्या दूध पीने से यूरिक एसिड की परेशानी बढ़ती है?
कई रिसर्च में बताया गया है कि गाउट यानि हाई यूरिक एसिड की स्थिति में दूध पीना फायदेमंद हो सकता है. ये परेशानी बढ़ाने के बजाय कम करने में मदद करता है. आर्थराइटिस फाउंडेशन गाउट से पीड़ित लोगों को कम फैट वाला दूध पीने की सलाह देता है.
दूध में मौजूद प्रोटीन शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं, जिससे खून में यूरिक एसिड का लेवल कम हो सकता है और गाउट के दौरे का खतरा भी कम हो सकता है. ऐसे में इससे किसी भी तरह की परेशानी नहीं बढ़ती है. हालांकि, ध्यान रखें कि फुल क्रीम वाले मिल्क का सेवन न करें.
यूरिक एसिड में कितना दूध पीना चाहिए?
कुछ स्टडी में बताया गया है कि यूरिक एसिड से पीड़ित मरीज हर दिन या हर सप्ताह कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स का एक सीमित मात्रा में सेवन कर सकते हैं, जिसमें एक सर्विंग यानि एक गिलास दूध या 1 कटोरी दही खा सकते हैं.
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