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आचार्य बालकृष्ण ने बताए चौलाई के फायदे, जानें अमरंथ खाने से क्या होता है?

आचार्य बालकृष्ण के अनुसार चौलाई में दूध जितना कैल्शियम होता है. जानें हड्डियां मजबूत करने और आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए चौलाई को कैसे खाएं.

आचार्य बालकृष्ण ने बताए चौलाई के फायदे, जानें अमरंथ खाने से क्या होता है?
चौलाई गर्म होती है या ठंडी?
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सेहत का ख्याल रखना लगभग भूल ही गए हैं. यही वजह है कि कम उम्र में ही लोगों की हड्डियां कमजोर होने लगी हैं और आंखों पर मोटे-मोटे चश्मे चढ़ रहे हैं. हम बाजार से महंगी दवाइयां और टॉनिक खरीदकर लाते हैं, जबकि असली खजाना तो हमारी रसोई और आसपास ही छिपा होता है.

योग और आयुर्वेद के जाने-माने जानकार आचार्य बालकृष्ण ने हाल ही में चौलाई जिसे हम रामदाना, राजगिरा या अमरनाथ भी कहते हैं के कई चमत्कारी फायदे बताए हैं. उन्होंने बताया कि चौलाई में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन ए और सी का भंडार होता है. आज की मॉडर्न साइंस भी इस बात को पूरी तरह मानती है. तो चलिए आज एकदम आसान भाषा में समझते हैं कि यह छोटी सी दिखने वाली चौलाई हमारी सेहत के लिए कितनी बड़ी चीज है.

आखिर क्या है यह चौलाई?

चौलाई एक ऐसा पौधा है जिससे हमें दो तरह के खाने की चीजें मिलती हैं. पहली तो इसकी हरी-हरी पत्तियां, जिनकी हम साग या सब्जी बनाकर खाते हैं और दूसरी इसके छोटे-छोटे बीज, जिन्हें भुजकर रामदाने के लड्डू बनाए जाते हैं या फिर व्रत में इनका आटा इस्तेमाल किया जाता है.

प्रोटीन का अच्छा सोर्स:

अगर आप शरीर में कमजोरी महसूस करते हैं या मसल्स को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो चौलाई के बीज आपके बहुत काम आ सकते हैं. सौ ग्राम चौलाई के बीज में लगभग 13 से 14 ग्राम प्रोटीन होता है. यह मात्रा चावल से कहीं ज्यादा है. इसके अलावा इसमें लाइसिन नाम का एक जरूरी अमीनो एसिड पाया जाता है, जो आमतौर पर गेहूं या चावल जैसे अनाजों में नहीं मिलता. इसलिए चौलाई का प्रोटीन बाकी अनाजों के मुकाबले शरीर को ज्यादा ताकत देता है. इसे खाने के बाद पेट देर तक भरा रहता है और शरीर में दिनभर एनर्जी बनी रहती है.

कैल्शियम का खजाना:

अगर आपके जोड़ों में दर्द रहता है या हड्डियां कमजोर महसूस होती हैं, तो चौलाई का साग खाना शुरू कर दीजिए. चौलाई की पत्तियों में कैल्शियम बहुत भारी मात्रा में होता है. सौ ग्राम चौलाई की हरी पत्तियों में लगभग 215 मिलीग्राम कैल्शियम मिल जाता है, जो कि दूध के लगभग बराबर ही है. जो लोग दूध नहीं पी पाते या जिन्हें डेयरी प्रोडक्ट पचते नहीं हैं, उनके लिए चौलाई की पत्तियां कैल्शियम की कमी पूरी करने का सबसे आसान जरिया हैं. साथ ही इसमें मैग्नीशियम और विटामिन के भी होता है, जो हड्डियों को अंदर से मजबूत बनाता है.

आंखों की रोशनी और इम्यूनिटी के लिए कमाल:

चौलाई की पत्तियों में बीटा-कैरोटीन भरपूर होता है, जिसे हमारा शरीर आगे चलकर विटामिन ए में बदल देता है. यह विटामिन हमारी आंखों के ऊपर की परत को स्वस्थ रखता है और कम रोशनी में भी साफ देखने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें विटामिन सी और ल्यूटिन नाम का तत्व भी होता है. यह आंखों को ढलती उम्र में होने वाली बीमारियों से बचाता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बढ़ाता है, जिससे हम बार-बार बीमार नहीं पड़ते.

चौलाई को खाने के आसान तरीके:

पत्तियों का साग बनाएं: चौलाई की पत्तियों को पालक की तरह थोड़ा सा लहसुन और तेल डालकर छौंक लें.
दाल या पराठे में मिलाएं: चौलाई के पत्तों को बारीक काटकर दाल में डाल दें या फिर आटे में गूंधकर गरम-गरम पराठे बना लें.
बीज से दलिया या भात: इसके बीजों को चावल की तरह उबालकर खाया जा सकता है या फिर दूध के साथ मीठा दलिया बनाया जा सकता है.
राजगिरा का आटा: इसके आटे से आप पूरियां या रोटी बना सकते हैं, जो खाने में बहुत स्वादिष्ट लगती हैं.
रामदाने के लड्डू: भुने हुए बीजों को गुड़ के साथ मिलाकर आप घर पर ही बढ़िया और सेहतमंद लड्डू तैयार कर सकते हैं.

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