How to Identify Natural Mangoes: आम का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है. बहुत से लोग तो गर्मियों के मौसम का इंतजार ही सिर्फ इसलिए करते हैं कि उन्हें स्वादिष्ट आम खाने को मिलेंगे. गर्मी का मौसम आते ही हर भारतीय की थाली में फलों के राजा आम की महक मिलेगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस आम को आप बड़े चाव से खा रहे हैं, वो आपकी सेहत बिगाड़ भी सकता है? हाल ही में हैदराबाद में पुलिस ने एक ऐसी छापेमारी की जिसने सबको चौंका दिया. वहां भारी मात्रा में ऐसे आम पकड़े गए जिन्हें रसायनों (Chemicals) के जरिए जबरदस्ती पकाया गया था.

आपको बता दें कि हाल ही में हैदराबाद पुलिस ने करीब 200 किलो ऐसे आम ज़ब्त किए जिन्हें कृत्रिम तरीके (Artificially) से पकाया जा रहा था. इस दौरान 'डायमंड राइप' नाम के इथिलीन राइपनर के पैकेट भी मिले. नियम के मुताबिक, 20 किलो आम के लिए सिर्फ 5 पैकेट का इस्तेमाल होना चाहिए, लेकिन मुनाफे के लालच में व्यापारी 6 या उससे ज्यादा पैकेट डाल रहे थे.

असली और नकली आम को कैसे पहचानें? (Smart Tips To Check Mango Quality)
- कलर- प्राकृतिक रूप से पका आम हर जगह से एक जैसा पीला नहीं होता. उसमें कहीं हरा और कहीं पीला शेड होता है. लेकिन केमिकल से पका आम पूरी तरह से एक जैसा पीला या चटक ऑरेंज दिखेगा. इसलिए जब भी आप मार्केट से आप खरीदें तो उसके कलर को ध्यान दें.
- खुशबू- असली आम की खुशबू बहुत मीठी और सोंधी होती है जिसे आप दूर से भी पहचान सकते हैं. वहीं, रसायनों से पके आम में या तो खुशबू ही नहीं होती या फिर उसमें से हल्की सी दवा जैसी गंध आती है. अगर आपको आम खरीदते वक्त इस तरह की महक आए तो उसे लेने से बचें.
- छूकर देखें- प्राकृतिक रूप से पका आम छूने पर कहीं थोड़ा सख्त और कहीं थोड़ा नरम हो सकता है. लेकिन रसायनों से पका आम अक्सर बहुत ज्यादा पिलपिला या अंदर से अजीब तरह से नरम महसूस होता है क्योंकि केमिकल इसके सेल वॉल को तोड़ देते हैं.
- पानी में डालकर- आम की क्वालिटी को चेक करने का यह सबसे आसान और असरदार तरीका है. एक बाल्टी पानी लें और उसमें आम डाल दें. प्राकृतिक रूप से पका आम भारी होता है और वह पानी में डूब जाता है. केमिकल से पका आम हल्का होता है और पानी के ऊपर तैरने लगता है.
- बेकिंग सोडा- किचन में मौजूद बेकिंग सोडा से भी आप आम की क्वालिटी को चेक कर सकते हैं. घर पर आम लाने के बाद उसे पानी में थोड़ा बेकिंग सोडा डालकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें. अगर धोने के बाद आम का रंग उतरने लगे या अजीब सा हो जाए, तो समझ लें कि इसे पॉलिश किया गया है या रसायनों से ट्रीट किया गया है.
कार्बाइड और एसिटिलीन गैस सेहत के लिए क्यों है खतरनाक?
जब आम को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल होता है, तो वह नमी के संपर्क में आकर एसिटिलीन गैस (Acetylene gas) बनाता है. यह वही गैस है जिसका इस्तेमाल वेल्डिंग के काम में किया जाता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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