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This Article is From Sep 16, 2013

भारतीय मूल की सुंदरी बनी मिस अमेरिका, आसान नहीं रही राह

भारतीय मूल की सुंदरी बनी मिस अमेरिका, आसान नहीं रही राह
नीना दावुलुरी खुशी का इजहार करते हुए
ह्यूसटन: अमेरिका के ह्यूसटन में 24 वर्षीय नीना दावुलुरी आज मिस अमेरिका सौंदर्य स्पर्धा जीतने वाली भारतीय मूल की पहली प्रतियोगी बन गई हैं।

हालांकि भारतीय मूल की सुंदरी चुने जाने पर कुछ तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ लोगों ने ट्वीट के जरिये इसका विरोध जताया है।

अपने पिता की तरह एक चिकित्सक बनने की इच्छा रखने वाली नीना को यह प्रतियोगिता जीतने पर कम से कम 50,000 अमेरिकी डॉलर की छात्रवृत्ति मिलेगी।

पीले रंग के एक बेहद मनमोहक लिबास में लिपटी यह सुंदर बाला मिस अमेरिका घोषित किए जाने पर अपनी आंखों से छलकते खुशी के आंसुओं को पोंछती हुई और लोगों का अभिवादन करते हुए रैंप पर आई।

इस सौंदर्य स्पर्धा के प्रतियोगियों को उनके ईवनिंग गाउन, जीवनशैली-स्वास्थ्य, प्रतिभा, निजी साक्षात्कार और मंच पर पूछे गए सवालों के जवाबों के आधार पर चुना गया। नीना से अपने स्वरूप को बदलने के लिए प्लास्टिक सर्जरी कराने वाली टीवी प्रस्तोताओं की बुद्धि के बारे उनकी राय मांगी गई थी।

इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह प्लास्टिक सर्जरी के खिलाफ हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपने स्वरूप को लेकर आश्वस्त रहना चाहिए और अपना फैसला खुद करना चाहिए। अपने प्रतिभा कौशल के प्रदर्शन के तौर पर उन्होंने शास्त्रीय और बॉलीवुड का एक मिलाजुला नृत्य पेश किया।

इससे पहले मिस न्यूयॉर्क बनने के तुरंत बाद वह एक टेलीविजन कार्यक्रम में नृत्य निर्देशक नकुल देव महाजन के साथ काम करने के लिए न्यूयॉर्क के लिए रवाना हो गई थीं। अपने शुरुआती दिनों में मोटापे की समस्या से जूझ चुकीं दावुलुरी ने कहा कि उन्होंने मिस न्यूयॉर्क बनने से पहले अपना 60 पाउंड वजन घटाया था।

दावुलुरी का जन्म सिराकुसे में हुआ था, लेकिन चार वर्ष की उम्र में वह ओक्लाहोमा और फिर दस वर्ष की उम्र में मिशीगन रहने चली गई। उन्होंने मिशीगन विश्वविद्यालय से मस्तिष्क व्यवहार और संज्ञानात्मक विज्ञान की पढ़ाई की है और भविष्य में एक चिकित्सक बनना चाहती हैं।

वेबसाइट सिराकुस डॉट कॉम पर जुलाई में जारी की गई एक रपट के मुताबिक, न्यूयार्क की सिराकुस शहर की 24 वर्षीय दावुलुरी 16 महीने पहले निजी प्रशिक्षक टिया फाल्कन से मिली थीं जिनका शापिंग टाउन माल में अपना जिम है।

फाल्कन उनके समर्पण से बेहद प्रभावित हुईं और जून महीने में उनके मिस न्यूयॉर्क चुने जाने पर उनकी एक प्रायोजक बनने के लिए तैयार हुईं।

फाल्कन ने कहा, वह बेहद कड़ी मेहनत करती हैं। वह प्रेरणादायी हैं।

दावुलुरी जब युनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की अंतिम सेमेस्टर की छात्रा थीं, उस वक्त उनका वजन आज से 60 पाउंड ज्यादा था। उनके मिस अमेरिका बनने की उम्मीद बेहद कम थी।

फाल्कन ने कहा, उन्हें गरिष्ठ भोजन पसंद था। जब वह अकेली या दुखी होती थीं, लगातार खाती रहती थीं जब तक कि उनका पेट पूरी तरह न भर जाए।

वेबसाइट के मुताबिक, दावुलुरी ने एक दिन अपनी फोटो देखी और उन्हें अहसास हुआ कि वह बहुत मोटी हो गई हैं और उन्होंने सोचा, मैं यह नहीं बनना चाहती, और मैं खुद को इस तरह दुनिया के सामने नहीं दिखाना चाहती।

लेकिन एक बार मिस न्यूयार्क बन जाने के बाद उन्होंने आशा जाहिर की कि मिस अमेरिका का सपना देखने वाली युवा लड़कियां स्वास्थ्य के पहलुओं पर ध्यान देंगी।
(इनपुट्स आईएनएस से भी)

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