प्रतीकात्मक चित्र
नई दिल्ली:
- गगनयान के तहत शुरुआती ट्रेनिंग भारत में होगी जबकि इसकी एडवांस ट्रेनिंग रूस में दी जाएगी. अंतरिक्ष में जाने वाले दल में महिला भी होंगी.
- पिछले महीने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि भारत 2022 तक अपने तीन अंतरिक्ष यात्रियों को गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजेंगे.
- गगनयान मिशन के लिए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का फंड जारी किया था. केंद्र सरकार ने इस मिशन को ऐतिहासिक बताया था.
- इसरो अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए सबसे बड़े रॉकेट जीएसएलवी एमके तीन का इस्तेमाल करने की योजना में हैं.
- अंतरिक्ष में जाने वाले इन अंतरिक्ष यात्रियों को व्योमनॉट्स के नाम से जाना जाएगा. व्योम एक संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ अंतरिक्ष होता है.
- गगनयान मिशन में मदद के लिए भारत रूस और फ्रांस से भी मदद ले रहा है.
- इसरो अभी तक इस मिशन पर 173 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है. बता दें कि इस योजना को सबसे पहले 2008 में सामने रखा गया था.
- चंद्रयान -2 मिशन पर कुल 800 करोड़ रुपये खर्च किया जाना है. इस मिशन की मदद से चांद से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां जुटाने की कोशिश की जाएगी.
- चंद्रयान-2 इस साल मार्च और अप्रैल के बीच लांच किया जाना है. इसे लेकर इसरो अपनी पूरी तैयारी कर चुकी है.
- बीते कुछ वर्षों में भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं.
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Gaganyan, ISRO