यहां पर शंखनाद करना वर्जित है. वैज्ञानिकों के अनुसार यहां पर शंखनाद करने से पहाड़ टूट सकते हैं.
Badrinath Dham rahasya : बद्रीनाथ (Badrinath nath ) जगत के पालनहार भगवान विष्णु का निवास स्थान है. इस साल बद्रीनाथ के कपाट 4 मई को खोल दिए गए हैं. बद्रीनाथ को आठवां बैकुंठ कहा जाता है. यही कारण है लोग अपने जीवन में एक बार बद्रीनाथ के दर्शन के लिए जरूर जाते हैं. आज के इस लेख में हम आपको यहां पर बद्रीनाथ धाम से जुड़े कुछ रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आपको एकबार जरूर जानना चाहिए.
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बद्रीनाथ धाम से जुड़े रहस्य क्या हैं - What are the mysteries related to Badrinath Dham
- एकबार भगवान विष्णु ध्यान मुद्रा में लीन थे, इस दौरान बर्फबारी होने लगी और पूरी तरह से ढक गए, जिसे देखकर देवी लक्ष्मी चिंता में आ गईं और उन्होंने रक्षा के लिए बेर वृक्ष का रूप ले लिया. इसके बाद जब श्रीहरि का तप पूरा हुआ तो उन्होंने मां को पेड़ से ढ़का पाया. तुमने मेरी रक्षा बद्री पेड़ के रूप में की इसलिए आज से यह जगह बद्रीनाथ के नाम से जानी जाएगी. इस तरह से भगवान विष्णु का नाम बद्रीनाथ पड़ा.
- आपको बता दें कि यहां पर शीतऋतु में मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, इससे पहले एक दीपक जलया जाता है, जो 6 महीने बाद भी वैसे ही जलती रहती है.
- बद्रीनाथ धाम नर-नारायण पर्वत के बीच स्थित है. कहा जाता है कि ये दो पर्व आपस में मिल जाएंगे तब बद्रीनाथ का रास्ता बंद हो जाएगा और भक्त दर्शन नहीं कर पाएंगे. इसके बाद नए तीर्थ का उद्गम हो जाएगा.
- मान्यतानुसार बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु की तपोस्थली है. यहां पर शंखनाद करना वर्जित है. वैज्ञानिकों के अनुसार यहां पर शंखनाद करने से पहाड़ टूट सकते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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Faith, Badrinath Dham 2025