Vishnu Puran Predictions: हिंदू धर्म के प्राचीन ग्रंथों में समय और मानव जीवन से जुड़ी कई रोचक बातें बताई गई हैं. इन्हीं ग्रंथों में से एक है विष्णु पुराण, जिसमें सृष्टि, युगों और भविष्य में होने वाले बदलावों का वर्णन मिलता है. इस ग्रंथ में कलियुग के बारे में कई ऐसी भविष्यवाणियां की गई हैं, जो मानव जीवन में होने वाले बड़े परिवर्तनों की ओर इशारा करती हैं. आइए ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं ऐसी ही कुछ भविष्यवाणियां-
ज्योतिषाचार्य बताते हैं, धार्मिक मान्यता के अनुसार कलियुग की कुल अवधि 4,32,000 वर्ष मानी गई है. विद्वानों के अनुसार इसमें से अभी लगभग 5000 वर्ष ही बीते हैं. यानी कलियुग का बहुत बड़ा हिस्सा अभी बाकी है. विष्णु पुराण में बताया गया है कि जैसे-जैसे कलियुग आगे बढ़ेगा, मनुष्य के जीवन में कई तरह के बदलाव देखने को मिलेंगे.
मानव आयु में आएगी कमी
प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, पुराने युगों में इंसानों की उम्र आज के मुकाबले काफी ज्यादा होती थी. त्रेता और द्वापर युग में लोगों की औसत आयु लगभग 100 साल या उससे भी अधिक बताई जाती है.
महाभारत के अनुसार, भीष्म पितामह की उम्र 150 साल से ज्यादा बताई जाती है. वहीं, भगवान श्रीकृष्ण लगभग 125 साल तक जीवित रहे थे. रामायण में भी बताया गया है कि भगवान श्रीराम ने अयोध्या पर 100 साल से ज्यादा समय तक राज किया. लेकिन विष्णु पुराण के अनुसार जैसे-जैसे कलियुग आगे बढ़ेगा, इंसान की उम्र कम होती जाएगी. भविष्यवाणी के अनुसार, कलियुग के अंतिम समय में मनुष्य की औसत आयु सिर्फ 12 से 20 साल के बीच रह जाएगी.
मानव की लंबाई भी होगी कमपुराणों में यह भी उल्लेख मिलता है कि पुराने युगों में मनुष्य की लंबाई आज की तुलना में अधिक होती थी. कई कथाओं के अनुसार, त्रेता और द्वापर युग में लोगों की औसत लंबाई करीब 32 फीट तक मानी जाती थी. समय के साथ यह कम होती गई और आज के समय में सामान्य रूप से इंसान की लंबाई लगभग 5 से 6 फीट के बीच देखी जाती है. हालांकि विष्णु पुराण के अनुसार, जब कलियुग अपने अंतिम चरण में पहुंचेगा, तब मनुष्य की लंबाई बहुत कम रह जाएगी. उस समय इंसान की लंबाई 6 से 8 फीट तक सिमट सकती है.
प्राकृतिक सुंदरता भी होगी कमप्राचीन समय में लोग प्राकृतिक जीवन शैली अपनाते थे. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक उपायों से लोग लंबे समय तक स्वस्थ और सुंदर बने रहते थे. लेकिन कलियुग में जीवनशैली बदलने के कारण लोगों की त्वचा की प्राकृतिक चमक कम होती जा रही है. विष्णु पुराण में बताया गया है कि आगे चलकर मनुष्य कई प्रकार की त्वचा संबंधी समस्याओं से भी परेशान हो सकता है.
धार्मिक दृष्टि से इन भविष्यवाणियों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि समय के साथ जीवन में कई बदलाव आते हैं. इसलिए मनुष्य को धर्म, सदाचार और संतुलित जीवन अपनाकर अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए.
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