Eid Al Fitr 2026: रमज़ान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत पवित्र और बरकत वाला माना जाता है. पूरे महीने लोग रोज़ा रखते हैं, इबादत करते हैं और अल्लाह से रहमत और माफी की दुआ मांगते हैं. इसी पवित्र महीने के खत्म होने के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है. इसे मीठी ईद भी कहा जाता है. इस साल लोगों के मन में मीठी ईद की तारीख को लेकर कंफ्यूजन बनी हुई है. ऐसे में आइए जानते हैं ईद कब मनाई जाएगी-
कब मनाई जाएगी ईद?
ईद-उल-फितर की तारीख हर साल चांद दिखाई देने पर तय होती है. इस्लामिक कैलेंडर चांद के हिसाब से चलता है, इसलिए ईद की सही तारीख पहले से तय नहीं होती. साल 2026 में अगर 20 मार्च को चांद दिखाई दिया है, इसलिए ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी. ईद के साथ ही इस्लामिक कैलेंडर के दसवें महीने शव्वाल की शुरुआत होती है.
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान के पाक महीने के बाद ही पहली बार कुरान आई थी. इसके अलावा माना जाता है कि 624 ईस्वी में पैगंबर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई में जीत हासिल की थी. उस समय उन्होंने अपनी सफलता की खुशी में लोगों का मुंह मीठा कराया था और पहली बार पैगंबर मुहम्मद ने ही ईद मनाई थी.
कैसे मनाई जाती है ईद?ईद का दिन खास तौर पर इबादत और खुशियों का दिन होता है. सुबह लोग नए कपड़े पहनकर मस्जिद या ईदगाह में ईद की नमाज अदा करते हैं. नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं और ईद की मुबारकबाद देते हैं. घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं, जिनमें सेवइयां खास तौर पर बनाई जाती हैं.
ईद-उल-फितर से पहले जकात और फितरा देने की भी परंपरा होती है. जकात को इस्लाम में एक जरूरी दान माना जाता है. इसमें व्यक्ति अपनी कुल संपत्ति का लगभग 2.5 प्रतिशत हिस्सा जरूरतमंद लोगों को देता है. वहीं फितरा एक तय राशि होती है, जिसे हर व्यक्ति की ओर से ईद की नमाज से पहले गरीबों को दिया जाता है. इसका मकसद यह होता है कि समाज के सभी लोग ईद की खुशी में शामिल हो सकें.
इस तरह ईद-उल-फितर केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह इबादत, दया, दान और भाईचारे का संदेश देने वाला खास अवसर है. यह दिन लोगों को आपसी प्रेम और इंसानियत की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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