Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग 25 अप्रैल 2022, इस समय से शुरू हो जाएगा वरुथिनी एकादशी व्रत का नियम

Aaj Ka Panchang: 25 अप्रैल के पंचांग के मुताबिक वैशाख कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है. राहुकाल (Rahu Kaal) सुबह 7 बजकर 24 मिनट से 9 बजकर 3 मिनट तक है. राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ काम करना निषेध माना गया है.

Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग 25 अप्रैल 2022, इस समय से शुरू हो जाएगा वरुथिनी एकादशी व्रत का नियम

Aaj Ka Panchang: आज का पंचांग 25 अप्रैल 2022, इस समय से शुरू हो जाएगा वरुथिनी एकादशी व्रत का नियम

Aaj Ka Panchang: हिंदी पंचांग (Panchang Today) के अनुसार आज यानी 25 अप्रैल, वैशाख कृष्ण पक्ष (Vaishakh Krishna Paksha) की दशमी (Dashmi) तिथि है. सूर्योदय 5 बजकर 46 मिनट पर है. सूर्यास्त का समय शाम 6 बजकर 53 मिनट है. धनिष्ठा नक्षत्र (Dhanishta Nakshatra) शाम 5 बजकर 13 मिनट तक है. इसके बाद शतभिषा नक्षत्र (Shatabhisha Nakshatra) लग जाएगा. राहुकाल (Rahu Kaal) सुबह 7 बजकर 24 मिनट से 9 बजकर 3 मिनट तक है. राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ काम करना निषेध माना गया है. पंचांग (Aaj Ka Panchang) के मुताबिक जानते हैं 25 अप्रैल के शुभ-अशुभ मुहूर्त (25 April 2022 Panchang) के बारे में.  

25 अप्रैल 2022 का पंचांग, शुभ मुहूर्त  (25 April Panchang Shubh Muhurat) 

ब्रह्म मुहूर्त-  सुबह 4:19  से 05:02 बजे तक

अभिजित मुहूर्त- सुबह 11:53 से 12:46 बजे तक 

गोधूलि मुहूर्त-शाम 06:40 से 07:03 बजे तक

अमृत काल- 7:06 ए एम से 08:39 ए एम

अशुभ समय (Ashubh Muhurat)


राहु काल- शाम 7 बजकर 24 मिनट से 09 बजकर 30 मिनट तक 

यमगण्ड- सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक 

विडाल योग- सुबह 5 बजकर 46 मिनट से  शाम 5 बजकर 13 मिनट तक

दुर्मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 46 मिनट से 01 बजकर 38 मिनट तक 

गुलिक काल- दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से 03 बजकर 36 मिनट तक

आज का पंचांग (Aaj ka Panchang)

आज का योग-  शुक्ल

आज का वार- सोमवार

आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष

आज की तिथि- दशमी

सूर्योदय- 5 बजकर 46 मिनट पर 

दिशा शूल- पूर्व

चंद्र वास- पश्चिम

राहु वास- उत्तर-पश्चिम

ऋतु- ग्रीष्म

आज से शुरू हो जाएंगे एकादशी व्रत के नियम

पंचांग के मुताबिक दशमी तिथि है. अगले दिन यानी 26 अप्रैल को वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) का व्रत रखा जाएगा. एकादशी व्रत (Ekadashi Vrat) का नियम दशमी तिथि से ही शुरू हो जाता है. जिसमें दशमी के दिन सूर्यास्त के बाद लहसुन-प्याज और अन्न का सेवन नहीं किया जाता है. वरुथिनी एकादशी व्रत के दौरान भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के साथ-साथ मां लक्ष्मी (Goddess Lakshmi) की भी पूजा की जाती है. ऐसे में पूरे दिन भगवान श्रीहरि का ध्यान करते हुए निष्ठपूर्वक व्रत रखा जाता है. वहीं एकादशी व्रत (Ekadashi Vrat) का पारण द्वादशी तिथि को किया जाता है. वरुथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) व्रत का पारण (Varuthini Ekadashi Vrat Parana) 27 अप्रैल को किया जाएगा. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)