Surya Grahan 2026 Impact On India: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज 17 फरवरी 2026, मंगलवार को लगेगा. हिंदी पंचांग के अनुसार यह स्थिति संवत 2082 फागुन कृष्ण पक्ष अमावस्या को होगी. यहां यह जानना जरूरी है कि भारत वर्ष में यह ग्रहण पूरी तरह अदृश्य रहेगा यानि यह भारत के किसी भी हिस्से में नहीं दिखाई देगा. यह ग्रहण केवल उत्तरी अमेरिका और मध्य अमेरिका में दिखेगा, लेकिन बावजूद इसके आपको इससे जुड़ी कुछेक बातों को जरूर जानना चाहिए. आइए जाने-माने ज्योतिषाचार्य डॉ. आर. पी. जोशी से ग्रहण से जुड़ी बड़ी बातों को विस्तार से जानते हैं.
1. कैसा होगा आज का सूर्य ग्रहण?
आज 17 फरवरी 2026, मंगलवार के दिन लगने वाला साल का पहला सूर्य ग्रहण वलयाकार या आग के गोले की तरह होगा, जिसे फायर ऑफ रिंग भी कहा जा सकता है. सूर्य ग्रहण की ऐसी स्थिति इसलिए बनेगी क्योंकि चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाएगा. यानि चारों तरफ सूर्य का थोड़ा भाग खुला रहेगा. यही कारण है कि आज ग्रहण के दौरान सूर्य एक कंगन की तरह या एक आग के छल्ले की तरह दिखाई देगा.
2. कब पड़ेगा साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण?

वर्ष 2026 में दूसरा सूर्य ग्रहण संवत 2083 श्रावण कृष्ण पक्ष अमावस्या तथा अंग्रेजी तारीख के अनुसार 12 अगस्त 2026 दिन बुधवार को पड़ेगा. अच्छी बात यह है कि यह सूर्य ग्रहण भी भारत में अदृश्य होगा. अतः धार्मिक दृष्टि से इसका विशेष महत्व नहीं रहेगा. यह ग्रहण भी अमेरिका और दक्षिणी पेसिफिक में ही दिखाई देगा.
3. सूर्य ग्रहण को लेकर क्या कहता है विज्ञान?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आता है तब सूर्य ग्रहण पड़ता है. वहीं हिंदू मान्यता के अनुसर सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या को ही पड़ता है. अमावस्या के दिन ही सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आते हैं.
4. कब शुरू होता है सूर्य ग्रहण का सूतक?
ज्योतिष के नियम के अनुसार सूर्य ग्रहण के आरंभ होने से 12 घंटे पूर्व सूतक प्रारंभ हो जाता है. इस सूतक काल से ही हमें मंदिर इत्यादि के दरवाजे बंद कर देने चाहिए तथा मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए. इसी प्रकार सूर्य ग्रहण के दौरान खान-पान से परहेज करना चाहिए. गर्भवती स्त्रियों को विशेष रूप से सूर्य ग्रहण में सावधानी रखनी चाहिए.
5. सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?

सूर्य ग्रहण के समय हमें मंदिर के कपाट बंद रखना चाहिए. इस दौरान न तो हमें खाना पकाना चाहिए और न ही पका हुआ खाना ग्रहण करना चाहिए. साथ ही साथ किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य भी इस समय में नहीं किए जाने चाहिए. ग्रहण के आरंभ से अंत तक अर्थात मोक्ष होने तक हमें घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. अत्यंत आवश्यक होने पर ही बाहर जाएं. इसके साथ ही साथ गर्भवती महिलाओं को भी परोक्ष रूप से सूर्य ग्रहण के दौरान खुले में नहीं जाना चाहिए. ग्रहण के पहले ही हमें भोजन दूध इत्यादि पदार्थ का उपभोग कर लेना चाहिए. यदि आवश्यक में रखना हो तो उनमें तुलसी दल गंगाजल एवं कुशल इत्यादि डालकर रखना चाहिए
6. सूर्य ग्रहण का उपाय क्या है?
सूर्य ग्रहण के दौरान आध्यात्मिक साधना करना, अपने गुरु मंत्र का जाप करना, सूर्य का जाप करना, आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना, ध्यान लगाना एवं सिद्धि प्राप्त करने के किसी भी साधन को अपनाना शुभ माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार अन्य समय की तुलना में इस दौरान साधक को जल्दी सफलता प्राप्त होती है. ऐसे में हमें सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा के इस उपाय को अपनाना चाहिए. ग्रहण काल में दान करने से भी अन्य दिनों में दान करने से ज्यादा फल प्राप्त होता है
7. ग्रहण के दौरान भारत में रहने वाले लोग क्या करें?
भारतवर्ष में यद्यपि यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं पड़ रहा है, तो भी हमें पितरों के लिए तर्पण और अमावस्या से जुड़ी दूसरी पूजा इत्यादि उपाय करने चाहिए. भले ही ग्रहण अदृश्य है, परंतु ज्योतिषी योग का फल अवश्य मिलेगा. अतः ग्रहण के समय करने वाले सभी काम करने चाहिए. सूर्य ग्रहण के समय सूर्य मंत्र का जाप 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' अधिक से अधिक संख्या में करना चाहिए क्योंकि इस दौरान नकारात्मक ऊर्जा अधिक होती है. सूर्य ग्रहण के दौरान ईश्वर का स्मरण करना तथा अपने इष्ट देव के मंत्र का जाप करना शुभ रहता है
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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