Significance of Skanda Sashti 2026: स्कंद षष्ठी का पावन पर्व भगवान कार्तिकेय को समर्पित है. भगवान शिव और माता पार्वती के ज्येष्ठ पुत्र होने के नाते, भगवान कार्तिकेय जी को विजय और शौर्य का देवता माना जाता है. जो श्रद्धालु इस दिन श्रद्धाभाव से व्रत रखते हैं और विधि-विधान से पूजा-पाठ करते हैं, उनके जीवन से शत्रु बाधा और मानसिक क्लेश खत्म होने लगते हैं. यह दिन संकल्प शक्ति को बढ़ाने और जीवन में आने वाली हर नकारात्मकता को दूर करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना गया है.

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भगवान कार्तिकेय को भोग (Lord Kartikeya Bhog)
आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए इस दिन भगवान कार्तिकेय जी को प्रसन्न करना बहुत जरूरी है. आप उन्हें शुद्ध 'श्रीखंड' का भोग लगा सकते हैं, जो उन्हें बेहद प्रिय है और सुख-शांति लाता है. इसके अलावा, पंचमेवा (मखाना, काजू, किशमिश, बादाम और खजूर) का भोग लगाने से घर में बरकत आती है. अगर आप केसर वाले लड्डू अर्पित करते हैं, तो यह मान लिया जाता है कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और धन के नए स्रोत खुलने लगते हैं.

स्कंद षष्ठी का व्रत और पूजा केवल धार्मिक रीति नहीं, बल्कि अपने जीवन को व्यवस्थित करने का एक तरीका है. सच्ची आस्था और समर्पण के साथ लगाई गई ये भोग सामग्री न केवल भगवान को प्रसन्न करती है, बल्कि आपकी मेहनत का फल भी आपको मिलने लगता है. इस दिन का लाभ उठाएं और अपने जीवन को समृद्धि की ओर ले जाएं.
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)
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