Magh Mass Pradosh Vrat Puja Tips: पंचांग के अनुसार आज माघ मास के शुक्लपक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जिसे हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है. देवों के देव महादेव की कृपा पाने के लिए यह तिथि या फिर कहें व्रत सबसे उत्तम माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार दिन विशेष पर इस व्रत के पड़ने पर इसका महात्म्य और अधिक बढ़ जाता है, जैसे आज यह व्रत शुक्रवार को पड़ने के कारण शुक्र प्रदोष व्रत के नाम से जाना जा रहा है. प्रदोष व्रत की पूजा पर सिर्फ औघड़दानी शिव के साथ उनके परिवार से जुड़े प्रमुख सदस्यों और गणों की पूजा को भी आखिर क्यों जरूरी माना गया है, आइए इसे विस्तार से जानते हैं.

प्रदोष व्रत पर भगवान गणेश की पूजा का महत्व
हिंदू धर्म में किसी भी कार्य की शुरुआत हो या फिर कोई पूजा-हवन या धार्मिक-मांगलिक कार्य, उसकी शुरुआत भगवान श्री गणेश जी की पूजा के साथ होती है. सही मायने में किसी भी कार्य की शुरुआत को करना ही श्री गणेश कहलाता है. यही कारण है कि प्रदोष व्रत को सफल बनाने और उसका पुण्यफल पाने के लिए साधक को इस व्रत की पूजा में सबसे पहले भगवान श्री गणेश जी का ध्यान और विधि-विधान से पूजन करना चाहिए.
प्रदोष व्रत की पूजा में माता पार्वती की पूजा का महत्व
सनातन परंपरा में शिव शक्ति के बगैर अधूरे माने जाते हैं. यही कारण है कि प्रदोष व्रत की पूजा में महादेव के साथ माता पार्वती की पूजा जरूरी मानी गई है. हिंदू मान्यता के अनुसार शिव संग पार्वती जी की पूजा करने पर सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है. शिव और पार्वती के आशीर्वाद से जीवनसाथी की आयु में वृद्धि होती है और वैवाहिक जीवन हमेशा सुखमय बना रहता है. ऐसे में प्रदोष व्रत की पूजा में माता पार्वती को लाल रंग की चुनरी के साथ श्रृंगार की सामग्री विशेष रूप से जरूर चढ़ाएं और पूजा के दौरान 'ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः' मंत्र का जप करें.

प्रदोष व्रत में कार्तिकेय भगवान की पूजा का महत्व
प्रदोष व्रत वाले दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान कार्तिकेय की पूजा भी महत्व माना गया है. मान्यता है कि कार्तिकेय जी की पूजा करने से प्रदोष व्रत करने वाले साधक को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है. प्रदोष व्रत वाले दिन भगवान कार्तिकेय जी को प्रसन्न करने के लिए श्रीखंड का भोग लगाएं.
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प्रदोष व्रत वाले दिन शिव संग करें नंदी की पूजा
हिंदू मान्यता के अनुसार जिस प्रकार भगवान राम की पूजा में हनुमान जी का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है, उसी प्रकार शिव की पूजा में उनके प्रमुख गण नंदी की पूजा का बहुत ज्यादा महत्व है. शिव के तमाम गणों में नंदी और उनके गले का हार यानि नागवासुकि की पूजा करने से साधक के जीवन में आने वाली सभी समस्याएं दूर और कामनाएं पूरी होती हैं. प्रदोष व्रत की पूजा में इनकी पूजा करने से सभी दोष और बाधाएं दूर होती हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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