सपने में सूर्य ग्रहण देखना हर किसी के लिए एक जैसा संकेत नहीं माना जाता है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में सूर्य का अंधकार में छिपना और फिर दोबारा चमकना अलग-अलग संकेत देता है. आइए आचार्य मदन मोहन से जानिए सूर्य ग्रहण से जुड़े सपने का क्या मतलब है.
सपने में सूर्य ग्रहण के बाद सूर्य निकलना
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि ज्योतिष में सूर्य को मान-सम्मान, पद, प्रतिष्ठा, करियर, धन और पिता से जोड़कर देखा जता है. ऐसे में अगर सपने में सूर्य ग्रहण के बाद सूर्य को दोबारा चमकते हुए देखते हैं, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है. साथ ही ऐसा माना जाता है कि परेशानियाां धीरे-धीरे दूर हो सकती हैं और जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं.
सपने में सूर्य ग्रहण खत्म होते देखना
आचार्य ने आगे बताया कि अगर सपने में सूर्य ग्रहण खत्म होता दिखाई दे और आसमान पूरी तरह साफ हो जाए तो यह अच्छे समय की ओर इशारा माना जाता है. काम में आ रही रुकावटें दूर हो सकती हैं. नौकरी और कारोबार में सफलता मिलने के साथ धन से जुड़ी स्थिति भी बेहतर होने के संकेत माने जाते हैं.
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सपने में घोर अंधकार दिखना
वहीं, अगर सपने में सूर्य ग्रहण के दौरान चारों तरफ घना अंधेरा दिखाई दे, तो स्वप्न शास्त्र में इसे शुभ नहीं माना गया है. यह चिंता, असमंजस, आत्मविश्वास में कमी या काम में रुकावट का संकेत हो सकता है. कारोबार या निवेश में नुकसाान की आशंका से भी इसे जोड़ा जाता है.
पिता से रिश्ते को लेकर भी संकेत
आचार्य ने बताया कि सूर्य का संबंध पिता से माना जाता है. इसलिए सूर्य ग्रहण और अंधकार का सपना पिता के साथ रिश्ते में तनाव या उनके सहयोग में कमी की ओर भी इशारा कर सकता है. हालांकि, इसे निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए.
अशुभ सपना आए तो क्या करें
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, ऐसा सपना आने पर घबराने की जरूरत नहीं है. सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करें. इसके साथ ‘ॐ घृणिः सूर्याय नमः' मंत्र का जाप और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है. इन उपायों को ग्रहण के बाद 15 दिनों तक करने की सलाह दी जाती है.
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