Ramadan 2026: रमज़ान का पवित्र महीना शुरू हो चुका है, और पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए यह महीना इबादत, सब्र और आत्मसंयम का समय माना जाता है. इस दौरान लोग सहरी से लेकर इफ्तार तक खाने‑पीने से परहेज करते हुए रोज़ा रखते हैं. हालांकि रोज़ा सिर्फ भूख‑प्यास सहने का नाम नहीं है, बल्कि इस दौरान व्यक्ति को गलत कामों से दूर रहना चाहिए और व्यवहार भी अच्छा रखना चाहिए. इसी बीच कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर रोजे के दौरान गलती से पानी पी लिया जाए, तो क्या रोज़ा जारी रखा जा सकता है. इसी सवाल का जवाब आज हम आपको बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं...
यह भी पढ़ें: इबादत का महीना: रोज़ा, इफ्तार, सहरी, तरावीह, ज़कात, समझिए क्यों होता है ये खास
गलती से पानी पी लिया जाए, तो क्या रोज़ा जारी रखा जा सकता है?
रमज़ान का महीना इबादत, आत्म-संयम और अनुशासन का महीना माना जाता है. इस दौरान सुबह सहरी से लेकर इफ्तार तक खाने-पीने से दूर रहना अनिवार्य होता है. लेकिन कभी-कभी भूल होना स्वाभाविक है. ऐसे में अगर कोई व्यक्ति भूल से कुछ खा ले या पानी पी ले, तो उसका रोज़ा नहीं टूटता है. व्यक्ति अपना रोज़ा जारी रख सकता है.
जैसे ही याद आए, क्या करें?
जैसे ही व्यक्ति को यह अहसास हो कि वह रोजे है, उसे तुरंत खाना या पीना बंद कर देना चाहिए. इसके बाद कुल्ला कर, अपना रोज़ा जारी रखना चाहिए.
जानबूझकर और गलती से पीने में अंतर
रोज़ा तभी जारी रखा जा सकता है, अगर पानी गलती से पी लिया जाए तो. वहीं, अगर कोई जानबूझकर पानी पीता है, यह जानते हुए कि रोज़ा है, तो इससे रोज़ा टूट जाता है.
कब से कब तक है रमज़ान?
रमज़ान की शुरुआत चांद दिखने के साथ होती है, क्योंकि इस्लाम में चंद्र कैलेंडर माना जाता है. इस साल भारत में 18 फरवरी को रमज़ान का चांद दिखाई दिया, जिसके बाद 19 फरवरी को पहला रोज़ा रखा गया. इस्लामी कैलेंडर में हर महीना 29 या 30 दिनों का होता है. रमज़ान के 29वें दिन ईद-उल-फितर मनाई जाती है. चांद की स्थिति के अनुसार इस बार मीठी ईद 20 या 21 मार्च 2026 को मनाई जा सकती है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं