Punarjanm Story: कहते हैं रूह कभी नहीं मरती, बस लिबास बदल लेती है. इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद जो हुआ, उसने सबको हैरत में डाल दिया है. मौत के गम में डूबे परिवार के घर जब नन्हा 'राजबीर' आया, तो मां की ममता चीख उठी 'मेरा राजा लौट आया.' चेहरे के निशान से लेकर कुंडली तक, क्या ये वाकई पुनर्जन्म है या कुदरत का कोई अनोखा करिश्मा? आइए जानते हैं इस रहस्यमयी दास्तां को. क्या वाकई कोई इंसान मरने के बाद दोबारा लौट सकता है?
खून के रिश्तों में रूह का बसेरा, राजा की कहानी (Raja Raghuvanshi Reincarnation)
इंदौर के राजा रघुवंशी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. राजा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिसका आरोप उनकी अपनी पत्नी सोनम पर लगा. परिवार इंसाफ और मातम के बीच झूल रहा था कि, तभी एक 'चमत्कार' हुआ. राजा के भाई सचिन रघुवंशी के घर बेटे ने जन्म लिया, लेकिन ये महज एक पैदाइश नहीं थी...राजा की मां उमा रघुवंशी का दावा है कि बच्चे की आंखों की चमक, उसके चेहरे के हाव-भाव और मुस्कान हूबहू उनके दिवंगत बेटे राजा जैसी है

पुजारी की वो भविष्यवाणी और 'राजबीर' का आगमन (Indore Raja Raghuvanshi Murder Case)
हैरानी की बात तो ये है कि कामाख्या माता मंदिर के पुजारी ने राजा की मौत के बाद ही फोन कर परिवार को बता दिया था कि, 'आपके बेटे की रूह वापस घर आना चाहती है.' जब राजबीर का जन्म हुआ, तो परिवार ने पाया कि उसकी कुंडली और शरीर के निशान राजा से मेल खाते हैं. मां उमा कहती हैं कि जब उन्होंने पहली बार पोते को गोद में लिया, तो वह उन्हें अपलक निहारता रहा, जैसे बरसों का कोई रिश्ता पहचान रहा हो.

Photo Credit: social media
शास्त्रों की गवाही: रूह का कभी कत्ल नहीं होता (Scriptures Evidence: The Soul Can Never Be Killed)
मौत की सरहद लांघकर कोई दोबारा लौट आए, तो इसे इत्तेफाक कहें या रूहानी इंसाफ? हिंदू धर्म और 'श्रीमद्भगवद्गीता' के दूसरे अध्याय के 22वें श्लोक में स्पष्ट है कि आत्मा अजर-अमर है. आत्मा पुराने शरीर को वैसे ही त्याग देती है जैसे हम फटे कपड़े. इसे न आग जला सकती है, न हथियार काट सकता है. विष्णु पुराण में राजा भरत का जिक्र है, जिन्हें हिरण के बच्चे से ऐसा 'मोह' हुआ कि उन्हें अगले जन्म में हिरण बनना पड़ा. यही तो है कर्मों का खेल. 84 लाख योनियों का ये सफर हमारे कर्मों की स्याही से लिखा जाता है. हैरानी की बात ये है कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सुकरात और पाइथागोरस जैसे विदेशी दार्शनिक भी इस 'चक्कर' को सच मानते थे.
ये भी पढ़ें:-सदियों बाद फिर जगा ये रहस्यमयी शक्तिपीठ! पढ़ें जोगुलाम्बा मंदिर की अनोखी कहानी
राजा रघुवंशी का मामला भावनाओं और रहस्यों का एक ऐसा संगम है, जहां तर्क धुंधले पड़ जाते हैं. परिवार के लिए राजबीर सिर्फ एक बच्चा नहीं, बल्कि उनके जख्मों पर लगा मरहम है. क्या ये वाकई पुनर्जन्म है? यह बहस का विषय हो सकता है, पर एक मां के विश्वास को झुठलाना नामुमकिन है.
ये भी पढ़ें:-कालरात्रि इतनी अहम क्यों हैं तंत्र विधान में? पंडित गौरव कुमार से जानिए वाम मार्ग की रहस्यमयी रस्में
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं