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Papmochani Ekadashi 2026 Vrat Paran: पापमोचनी एकादशी का कैसे खोलें व्रत, कल सुबह 6.30 से 8.54 के बीच होगा पारण

Papmochani Ekadashi 2026 Vrat Paran: पापमोचनी एकादशी व्रत का पारण सोमवार, 16 मार्च सुबह 06 बजकर 30 से शुरू होकर सुबह 08 बजकर 54 मिनट तक रहेगा.

Papmochani Ekadashi 2026 Vrat Paran: पापमोचनी एकादशी का कैसे खोलें व्रत, कल सुबह 6.30 से 8.54 के बीच होगा पारण
पापमोचनी एकादशी 2026 व्रत पारण
file photo

Papmochani Ekadashi 2026 Vrat Paran: चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन हर साल पापमोचनी एकादशी पड़ती है. साल 2026 में पापमोचनी एकादशी 15 मार्च को मनाई जाएगी. हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना गया है. माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और भगवान का आशीर्वाद मिलता है. मान्यता है कि पापमोचनी एकादशी पर विष्णु जी की पूरी श्रद्धा के साथ आराधना करने से पापों से मुक्ति मिलने के साथ सुख-सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है. एकादशी व्रत में विधि-विधान से पूजा और नियमों का पालन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्व पारण का भी. सही समय और विधि से किए पारण के बाद ही एकादशी व्रत पूर्ण माना जाता है. चलिए आपको बताते हैं पापमोचनी एकादशी का व्रत कैसे खोलें.

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पापमोचनी एकादशी 2026 व्रत और पूजा मुहूर्त

एकादशी तिथि शुरू- 14 मार्च 2026 सुबह 08:10 बजे
एकादशी तिथि समाप्त- 15 मार्च 2026 सुबह 09:16 बजे
व्रत पारण का समय- 16 मार्च 2026 (सोमवार), सुबह 06:30 से 08:54 बजे

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पापमोचनी एकादशी का व्रत कैसे खोलें?

पापमोचनी एकादशी का व्रत खोलने और तोड़ने की विधि को पारण कहा जाता है, जोकि आमतौर पर व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद होता है. एकादशी व्रत का पारण भी सूर्योदय के बाद ही होता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि, पारण हरि वारस के दौरान न करें.

पापमोचनी एकादशी व्रत का पारण सोमवार, 16 मार्च सुबह 06 बजकर 30 से शुरू होकर सुबह 08 बजकर 54 मिनट तक रहेगा. पारण के लिए सुबह स्नान करें, भगवान विष्णु की पूजा करें, तुलसी दल या प्रसाद ग्रहण करें और अपनी सामर्थ्य अनुसार दान देकर सात्विक भोजन से व्रत खोलें. द्वादशी तिथि पर चावल खाना अनिवार्य होता है. व्रत खोलने के बाद ही द्वादशी तिथि पर लहसुन-प्याज या मांसाहार भोजन न करें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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