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मेष संक्रांति आज: 14 अप्रैल को सूर्य करेंगे राशि परिवर्तन, ज्योतिषाचार्य से जानें आज क्या उपाय करने से मिलेगा अच्छा फल

Mesh Sankranti 2026: हिंदू धर्म में मेष संक्रांति को अत्यंत पवित्र और शुभ दिन माना जाता है. वर्ष 2026 में यह पर्व 14 अप्रैल को मनाया जा रहा है. इस दिन सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं. इसलिए इस दिन को नई ऊर्जा, नई उम्मीद और जीवन में शुभ बदलाव का संकेत माना जाता है. साथ ही मेष संक्रांति का दिन सूर्य उपासना के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है.

मेष संक्रांति आज: 14 अप्रैल को सूर्य करेंगे राशि परिवर्तन, ज्योतिषाचार्य से जानें आज क्या उपाय करने से मिलेगा अच्छा फल
Mesh Sankranti 2026: इस दिन क्या करें?

Mesh Sankranti 2026: हिंदू धर्म में मेष संक्रांति का विशेष महत्व माना जाता है. साल 2026 में यह पर्व 14 अप्रैल को मनाया जा रहा है. इस दिन सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं जिसे ज्योतिष शास्त्र में उनकी उच्च राशि माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य अपनी उच्च स्थिति में होते हैं, तब उनका प्रभाव पृथ्वी पर अधिक सकारात्मक और शक्तिशाली होता है. 

धार्मिक दृष्टि से क्यों है खास दिन?

मेष संक्रांति को कई जगहों पर नववर्ष की शुरुआत के रूप में भी देखा जाता है. यह दिन सकारात्मक ऊर्जा, नई योजनाओं और जीवन में प्रगति का संकेत देता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का विशेष फल मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

इस दिन क्या करें?

ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित बताते हैं, सबसे पहले मेष संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करना चाहिए. यदि किसी पवित्र नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है. इससे शरीर और मन दोनों शुद्ध होते हैं. जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में हैं, उन्हें इस दिन विशेष रूप से सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए. सूर्य को जल अर्पित करना भी बहुत शुभ माना जाता है.

दान का विशेष महत्व

मेष संक्रांति पर दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. इस दिन गेहूं, गुड़ और अन्न का दान करना चाहिए. इसके अलावा लाल वस्त्र, मसूर की दाल और तांबे का दान किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को देने से विशेष लाभ मिलता है. संतरे का दान भी इस दिन बहुत शुभ बताया गया है.

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मंत्र जाप से मिलेगा लाभ

ज्योतिषाचार्य कहते हैं, इस दिन सूर्य मंत्रों का जाप करना भी बेहद लाभकारी होता है. 

'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र स्वास्थ्य के लिए, 
'ॐ सूर्याय नमः' सामान्य कल्याण के लिए और 
'ॐ आदित्याय विद्महे मार्तण्डाय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्' सूर्य गायत्री मंत्र का जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

ज्योतिषाचार्य बताते हैं, मेष संक्रांति केवल एक ज्योतिषीय घटना नहीं, बल्कि आस्था, ऊर्जा और नई शुरुआत का पर्व है. इस दिन किए गए छोटे-छोटे धार्मिक कार्य भी जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.

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