Maa Katyayani Ki Aarti in Hindi: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में बहुत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. नवरात्रि का हर दिन खास महत्व रखता है और छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित होता है. मां कात्यायनी को शक्ति, साहस और रक्षा की देवी माना जाता है. मां को अमोघ फल देने वाली देवी कहा जाता है, यानी उनकी कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
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नवरात्रि के छठे दिन भक्त पूरे विधि-विधान से मां कात्यायनी की पूजा करते हैं. इस दिन व्रत रखा जाता है, मां को फूल, फल और प्रसाद अर्पित किया जाता है. लेकिन पूजा तब तक पूरी नहीं मानी जाती, जब तक उनकी आरती नहीं की जाती. आरती गाने से पूजा का महत्व और बढ़ जाता है. मान्यता है कि मां कात्यायनी की आरती करने से रोग, डर और दुख दूर होते हैं. साथ ही व्यक्ति को अपने मन और इंद्रियों पर नियंत्रण रखने की शक्ति मिलती है. इसलिए छठे दिन पूजा के बाद मां की आरती जरूर गाएं.
यहां पढ़ें मां कात्यायनी की संपूर्ण आरती | Maa Katyayani Aarti Lyrics in Hindi
जय जय अम्बे जय कात्यायनी।
जय जग माता जग की महारानी॥
बैजनाथ स्थान तुम्हारा।
वहावर दाती नाम पुकारा॥
कई नाम है कई धाम है।
यह स्थान भी तो सुखधाम है॥
हर मन्दिर में ज्योत तुम्हारी।
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी॥
हर जगह उत्सव होते रहते।
हर मन्दिर में भगत है कहते॥
कत्यानी रक्षक काया की।
ग्रंथि काटे मोह माया की॥
झूठे मोह से छुडाने वाली।
अपना नाम जपाने वाली॥
बृहस्पतिवार को पूजा करिए।
ध्यान कात्यानी का धरिये॥
हर संकट को दूर करेगी।
भंडारे भरपूर करेगी॥
जो भी माँ को भक्त पुकारे।
कात्यायनी सब कष्ट निवारे॥
कात्यायनी महामाये, महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु माँ कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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