करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है. इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं. रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा है. आपने अक्सर देखा होगा कि महिलाएं चांद को छलनी से देखने के बाद उसी छलनी से पति का चेहरा भी देखती हैं. लेकिन आखिर इसके पीछे क्या मान्यता है. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने इसकी वजह बताई है.
करवा चौथ 2026 की तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि इस साल करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा. हिंदू पंचांग के मुताबिक 29 अक्टूबर 2026 को सुबह 01:06 बजे शुरू होकर रात रात 10:09 बजे तक रहेगी. पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:38 बजे से शाम 06:56 बजे तक रहेगा.
छलनी से पति का चेहरा देखने की क्या है वजह
पंडित कौशल पांडेय बताते हैं कि करवा चौथ पर छलनी से चंद्रमा और पति का चेहरा देखने के पीछे धार्मिक मान्यता जुड़ी है. छलनी में बहुत सारे छेद होते हैं. जब इसके जरिए चांद को देखा जाता है तो उसके कई प्रतिबिंब दिखाई देते हैं. मान्यता है कि इसी तरह छलनी से पति का चेहरा देखने से उनकी आयु और वैवाहिक जीवन की खुशियां कई गुना बढ़ती हैं. यही वजह है कि चंद्र दर्शन के बााद महिलाएं छलनी से पति का चेहरा देखती हैं.
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कितने बजे निकलेगा करवा चौथ का चांद
पंड़ित ने बताया कि इस साल करवा चौथ पर चंद्रोदय रात लगभग 08:17 बजे बताया गयाा है. हालांकि, अलग-अलग शहरों में चांद निकलने का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है.
कैसे करें चंद्र दर्शन और व्रत का पारण
उन्होंने बताया कि शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें. इसके बाद छलनी में दीपक रखकर पहले चांद और फिर पति का चेहरा देखें. पति की लंबी उम्र की कामना करें और उनके हााथ से पानी पीकर व्रत खोलें.
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