हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं और पर्वतों को जीवन से जुड़े कई संकेतों से जोड़कर देखा जाता है. इनमें राहु रेखा भी शामिल है. ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि अगर राहु रेखा महत्वपूर्ण रेखाओं को काटती हुई आगे बढ़े तो इसे जीवन में अचानक आने वाली रुकावट, तनाव और आर्थिक परेशानी का संकेत माना जाता है.
राहु रेखा के अशुभ प्रभाव को कैसे करें कम
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, राहु रेखा के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव की पूजा करना शुभ माना जाता है. सोमवार को शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं. सावन में रोज जलाभिषेक भी कर सकते हैं. इसके साथ 108 बार 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करने की सलाह दी जाती है.
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जरूरतमंदों और बेजुबान जीवों की करें सेवा
पंडित कौशल पांडेय बताते हैं कि राहु से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लिए जरूरतमंद लोगों और बेजुबान जीवों को भोजन कराना शुभ माना जाता है. पक्षियों को दाना डालना और शनिवार को कौआ व काले कुत्ते को भोजन कराना भी ज्योतिषीय उपायों में बताया गया है.
भाग्य रेखा को काटे राहु रेखा तो क्या करें
ज्योतिषाचार्य पंडित कौशल पांडेय ने बताया कि अगर राहु रेखा भाग्य रेखा या मस्तिष्क रेखा को काटती है तो आर्थिक परेशानियां और काम में रुकावट आ सकती है. ऐसे में सूखे नारियल को सिर के ऊपर से सात बार घुमाकर नदी में प्रवाहित करने का उपाय बताया गया है. ऐसी मान्यता है कि इससे नकारात्मकता कम होती है और मन को शांति मिलती है.
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