हरियाली अमावस्या इस बार 12 अगस्त को पड़ रही है. सावन में आने वाली इस अमावस्या को पूजा-पाठ, दान और पेड़ लगाने के लिए खास माना जाता है. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि अमावस्या को पितरों से जोड़कर देखा जाता है, ऐसे में आप जरूरतमंद व्यक्ति को पितरों के नाम से दान कर कर सकते हैं. ऐसा काम करने से भगवान शिव और पितरों की कृपा मिलती है, जबकि कुछ कामों से बचना चाहिए.
हरियाली अमावस्या पर क्या नहीं करें
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, इस दिन जमीन की खुदाई और पेड़-पौधों को काटने से बचना चाहिए. सावन में मिट्टी के अंदर जीव-जंतु होने की संभावना रहती है, इसलिए उन्हें नुकसान पहुंचाने वाले काम न करने की सलाह दी जाती है. सांप को भी कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए. इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन से दूर रहने की मान्यता है. साथ ही सुई-धागा न किसी से लेना चाहिए और न किसी को देना चाहिए.
शिवजी की पूजा और जलाभिषेक करें
आचार्य ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर सुबह स्नान के बाद भगवान शिव की पूजा करें. शिवलिंग पर एक लोटा जल अर्पित करना शुभ माना जाता है. इस दिन सात्विक भोजन करने और संयम रखने की भी सलााह दी जाती है.
पितरों के नाम से करें दान
मदन मोहन के आगे बताया कि अमावस्या को पितरों से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए जरूरतमंद व्यक्ति को पितरों के नाम से छाता, जूते, नमक जैसी चीजों का दान करनाा शुभ माना जाता है. इससे पितरों का आशीर्वाद मिलने की मान्यता है.
पेड़ लगाएं और पीपल की पूजा करें
उन्होंने बताया कि हरियाली अमावस्या पर वृक्षारोपण करना खास माना जाता है. फलदार पौधे लगाना शुभ माना जाता है. इसके अलावा पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाकर काले तिल अर्पित कर सकते हैं.
इस दिन करें दीपदान
आचार्य मदन मोहन कहा कि इस दिन आटे के दीपक जलाकर दीपदान करना भी शुभ मना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इससे नकारात्मकता दूर होती है और घर में सकारात्मक माहौल बनता है.
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