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महिलाएं एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम क्यों लगाती हैं? जानें इस परंपरा का धार्मिक महत्व

आध्यात्मिक गुरु और इन्फ्लुएंसर साई प्रवीण शर्मा ने हल्दी और कुमकुम की रस्म का धार्मिक महत्व बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-

महिलाएं एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम क्यों लगाती हैं? जानें इस परंपरा का धार्मिक महत्व
एक-दूसरे को हल्दी-कुमकुम क्यों लगाती हैं महिलाएं?
(Photo Credit: @saiparveensharma/Instagram)

भारत में हर त्योहार के समय कई अलग-अलग परंपराएं निभाई जाती हैं. इन्हीं परंपराओं में एक है हल्दी-कुमकुम. कई राज्यों में महिलाएं किसी शुभ दिन या किसी त्योहार के मौके पर एक-दूसरे के घर जाती हैं और एक-दूसरे के माथे पर हल्दी और कुमकुम लगाती हैं. आध्यात्मिक गुरु और इन्फ्लुएंसर साई प्रवीण शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने हल्दी और कुमकुम की रस्म का धार्मिक महत्व बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में- 

एक-दूसरे को हल्दी क्यों लगाती हैं महिलाएं?

साई प्रवीण शर्मा बताती हैं, इस रस्म को निभाते हुए महिलाएं एक-दूसरे को पहले अनामिका उंगली से हल्दी और फिर मध्यमा उंगली से कुमकुम लगाती हैं. हल्दी को हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है. पूजा-पाठ और कई धार्मिक कामों में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है. इसे पूजा में पहला मंगल द्रव्य माना जाता है और हल्दी लगाने को आंतरिक शुद्धि से जोड़कर देखा जाता है. 

आध्यात्मिक गुरु कहती हैं, जब भी आप किसी को हल्दी लगाएं, तो मन में अच्छे भाव रखें. जीवन से जुड़ी हर नकारात्मकता जैसे- गुस्सा, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों से खुद को दूर रखें. 

क्यों लगाई जाती है कुमकुम?

प्रवीण शर्मा आगे बताती हैं, हल्दी के बाद कुमकुम लगाया जाता है. कुमकुम का संबंध देवी और शक्ति से माना जाता है. इसका लाल रंग शक्ति, ऊर्जा और शुभता का प्रतीक माना जाता है. कुमकुम लगाते समय यह भावना रखी जाती है कि हर महिला अपने अंदर की शक्ति को पहचाने. वह खुद पर भरोसा रखे और जीवन में आने वाली परेशानियों का सामना मजबूती से करे.

आध्यात्मिक गुरु कहती हैं, इस तरह हल्दी-कुमकुम की रस्म में महिलाएं एक-दूसरे के साथ समय बिताती हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देती हैं. साथ ही ये परंपरा आपसी मेल-जोल और सहयोग का भाव बढ़ाती है. भारत के अलग-अलग राज्यों में इस रस्म को मनाने का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन इसका मूल भाव शुभता, अच्छी सोच और शक्ति से जुड़ा है. 

यहां देखें वीडियो- 


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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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