Guru Pushya Yoga 2026 Ke Jyotish Upay: ज्योतिष शास्त्र में देवताओं के गुरु बृहस्पति और सभी नक्षत्रों में श्रेष्ठ माने जाने वाले पुष्य के संयोग से गुरु पुष्य योग बनता है. इसे गुरु पुष्य नक्षत्र योग, गुरु पुष्य अमृत योग अथवा गुरुपुष्यामृत योग के नाम से भी जाना जाता है. यह योग सभी योगों में बेहद शुभ और फलदायी माना गया है. पंचांग के अनुसार आज 21 मई 2026, गुरुवार के दिन यह योग प्रात:काल 05:27 बजे से प्रारंभ होकर कल दिनांक 22 मई 2026, शुक्रवार को पूर्वाह्न 02:49 बजे तक रहेगा. आइए तमाम तरह के कार्यों के लिए अत्यंत ही शुभ माने जाने वाले गुरु पुष्य योग से जुड़े अचूक उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
गुरु पुष्य योग में करें श्री यंत्र की साधना से संवरेगी किस्मत

यदि आप इन दिनों पैसों की किल्लत से जूझ रहे हैं और आपको धन की कामना है तो आज आपको गुरु पुष्य योग में स्नान-ध्यान करने के बाद अपने घर के ईशान कोण में बैठकर श्री यंत्र की पूजा और श्री सूक्त का विशेष रूप से पाठ करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार घर में श्री यंत्र को घर में स्थापित करने के लिए गुरु पुष्य योग अत्यंत ही शुभ माना जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार गुरु पुष्य योग में विधि-विधान से की गई मां लक्ष्मी की उपासना शीघ्र ही सफल होती है और व्यक्ति को धन-धान्य की मनोकामना पूरी होती है.
गुरु पुष्य योग में हल्दी हर लेगी आपके सारे दुख

सनातन परंपरा में जिस हल्दी को अत्यंत ही शुभ माना गया है, उसका उपाय गुरु पुष्य योग पर शीघ्र ही फलदायी माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार धन की देवी की कृपा पाने के लिए आज हल्दी से एक पीले काज पर श्रीयंत्र बनाएं और उसे पीले कपड़े में लपेट कर अपने धन स्थान पर रखना चाहिए. इसी प्रकार आप हल्दी की 5 खड़ी गांठ को भी उसी पीले रंग के कपड़े में चांदी का एक सिक्का रखकर पहले भगवान विष्णु और लक्ष्मी को समर्पित करें फिर माता लक्ष्मी के मंत्र ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः का कम से कम एक माला जप करें. पूजा की समाप्ति के बाद पीले कपड़े की इस पोटली को बांधकर अपने धन स्थान पर रखें और प्रतिदिन धूप-दीप दिखाते रहें. मान्यता है कि पूजा के इस उपाय से घर में धन-धान्य का भंडार हमेशा भरा रहता है.
गुरु पुष्य योग में दान दूर होंगे बृहस्पति से जुड़े सारे दोष

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यदि आपकी कुंडली में गुरु ग्रह से संबंधित कोई दोष है तो उसे दूर करने या फिर उससे जुड़े कष्टों से मुक्ति पाने के लिए गुरु पुष्य योग अत्यंत ही शुभ माना गया है. गुरु ग्रह के दोष को दूर करने और उसकी शुभता को पाने के लिए आज गुरु पुष्य योग में चने की दाल, गुड़, पीले वस्त्र, हल्दी और पीले फल आदि का दान करें.
पूजा के इस उपाय से बरसेगी लक्ष्मी संग नारायण की कृपा

सनातन परंपरा में भगवान विष्णु की पूजा के लिए गुरुवार का दिन अत्यंत ही शुभ माना गया है. इसकी शुभता तब और भी बढ़ जाती है जब इसके साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है. ऐसे में आज भगवान श्री विष्णु के साथ माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए व्यक्ति को श्री हरि के संग माता लक्ष्मी का केसर मिश्रित दूध से विशेष रूप से अभिषेक करना चाहिए. साथ ही साथ आज पूजा में श्री विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए.
साल 2026 में कब बनेगा अगला गुरु पुष्य योग?
पंचांग के अनुसार साल 2026 में कुल तीन गुरु पुष्य योग का शुभ संयोग बनेगा. जिसमें से पहला योग 23 अप्रैल 2026 को बन चुका है और दूसरा गुरु पुष्य योग आज 21 मई 2026 को है. इसके बाद साल 2026 का आखिरी गुरु पुष्य योग 18 जून 2026, बृहस्पतिवार को पड़ेगा. इस दिन यह गुरु पुष्य योग प्रात:काल 05:23 बजे से लेकर 11:32 बजे तक रहेगा.
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