Gupt navratri 2026 Kali Puja Vidhi: हिंदू धर्म में शक्ति साधना के लिए गुप्त नवरात्रि के पावन पर्व को अत्यंत ही शुभ और शीघ्र फलदायी माना गया है. माघ के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा यानि आज 19 जनवरी 2026 से आज इसकी शुरुआत हो गई है और यह 27 जनवरी 2025 को नवमी की पूजा के साथ पूर्ण होगा. गुप्त नवरात्रि का पहला दिन 10 महाविद्या में पहली मां काली की पूजा के लिए समर्पित होता है. हिंदू मान्यता के अनुसार कलयुग में मां काली की साधना कल्पवृक्ष की तरह सभी कामनाओं को पूरी करने वाली मानी गई है. आइए मां काली की पूजा विधि और शीघ्र कृपा बरसाने वाले उनके महामंत्र के बारे में जानते हैं.

मां काली की पूजा का महामंत्र
ॐ क्रीं कालिकायै नमः
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा.

मां काली का मंत्र कैसे जपें
- मां काली की साधना करने से पहले तन और मन से पवित्र हो जाएं.
- ऊनी आसन या फिर साफ कंबल पर बैठकर मां काली की सबसे पहले विधि-विधान से पूजा करें.
- उसके बाद मां काली के मंत्र का पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मंत्र का जाप करें.
- मां काली के मंत्र का जप हमेशा घर के ईशान कोण में बैठकर करें.
- मंत्र जप करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे.
- मां काली के मंत्र का जप रुद्राक्ष की माला से करें. ध्यान रहे गले में पहनी जाने वाले रुद्राक्ष की माला का मंत्र जप के लिए प्रयोग न करें.
- गुप्त नवरात्रि में प्रतिदिन देवी मंत्र का जप एक निश्चित समय पर श्रद्धा, विश्वास और समर्पण के साथ करें.
- यदि संभव हो तो किसी गुरु के निर्देशन में ही मंत्र साधना करें.

देवी दुर्गा की किस मंत्र से करें साधना?
गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की साधना और अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए आप नीचे दिये गये कोई भी मंत्र चुन सकते हैं.
मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे, ॐ
ॐ दुं दुर्गाय नम:, ॐ
ॐ ह्रीं दुर्गायै नमः
ॐ दुं दुर्गे रक्षिणि नमः

9 देवियों के लिए कौन सा जपें मंत्र?
यदि आप गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्या की बजाय दुर्गा के 09 दिव्य स्वरूपों की साधना करना चाहते हैं तो आप नीचे दिये गये मंत्रों के जरिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करके अपने कष्टों को दूर और कामनाओं को पूरा कर सकते हैं.
पहले दिन जपें मां शैलपुत्री का मंत्र - ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः
पहले दिन जपें मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र - ह्रीं श्रीं अम्बिकायै नमः
तीसरे दिन जपें मां चंद्रघंटा का मंत्र - ऐं श्रीं शक्तयै नमः
चौथे दिन जपें मां कूष्मांडा का मंत्र - ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नमः
पांचवें दिन जपें मां स्कंदमाता का मंत्र - ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नमः
छठवें दिप जपें मां कात्यायनी का मंत्र - क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नमः
सातवें दिन जपें मां कालरात्रि का मंत्र - ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नमः
आठवें दिन जपें मां महागौरी का मंत्र - श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नमः
नौवें दिन जपें मां सिद्धिदात्री का मंत्र - ह्रीं क्लीं ऐं सिद्ध्यै नमः
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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