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दिल्ली के इस गुफा मंदिर में जाने के बाद होगा माता वैष्णो देवी का एहसास, नवरात्रि में जरूर कर आएं दर्शन

आज हम यहां पर आपको प्रीत विहार में वैष्णो देवी के तर्ज पर बने मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर जाने के बाद आपको माता वैष्णो देवी के मंदिर का एहसास होगा. 

दिल्ली के इस गुफा मंदिर में जाने के बाद होगा माता वैष्णो देवी का एहसास, नवरात्रि में जरूर कर आएं दर्शन
आपको बता दें कि यह मंदिर दिल्ली के प्रसिद्ध माता मंदिरों में से एक है.

Famous Devi temple in Delhi :  नवरात्र का पर्व चल रहा है. ऐसे में भक्त घर में माता की पूजा अर्चना करने के साथ-साथ देवी मंदिरों में भी दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. सुबह से ही देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें दर्शन पूजन के लिए लग जाती हैं. दिल्ली के कालकाजी और छतरपुर मंदिर में तो भक्तों का हुजूम देखने को मिलता है. क्योंकि इन मंदिरों को लेकर मान्यता है कि यहां पर मांगी गई मुरादें पूरी होती हैं. इसके अलावा और भी कई मंदिर दिल्ली में हैं, जहां पर जाकर आप मां की पूजा अर्चना कर सकते हैं. 

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नवरात्र में भक्तों की इच्छा एक बार वैष्णो देवी के दर्शन की होती है, लेकिन सभी पहुंच नहीं पाते हैं. ऐसे में आज हम यहां पर आपको दिल्ली के प्रीत विहार में वैष्णो देवी के तर्ज पर बने मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर जाने के बाद आपको माता वैष्णो देवी के मंदिर का एहसास होगा. 

प्रीत विहार गुफा मंदिर की क्या है खासियत

  1.  इस मंदिर का नाम गुफा मंदिरा इसलिए रखा गया है क्योंकि इसके रास्ते गुफानुमा हैं. इस गुफा की लंबाई 140 फीट है. यहां पर मां का दर्शन पिंडी के रूप में होता है. यहां आने के बाद आपको वैष्णो देवी मंदिर का एहसास होगा. 
  2. यहां पर वैष्णो देवी मंदिर की तरह भैरव बाबा का भी दर्शन कर सकेंगे. आपको बता दें कि इस मंदिर के निर्माण की शुरूआत 1987 में हुआ था. यह मंदिर आस-पास के लोगों के आपसी सहयोग से बनकर तैयार हुआ है. 
  3.  यह मंदिर दिल्ली के प्रसिद्ध माता मंदिरों में से एक है. यहां पर 1997 से लगातार अखंड ज्योत जल रही है. इस मंदिर की जोत ज्वाला मंदिर से लाई गई ज्योत से प्रज्वलित की गई थी. तब से अब तक यहां पर अखंड ज्योत जल रही है. 
  4. इस मंदिर में आप 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एक साथ कर सकेंगे. इसके साथ ही इस मंदिर में आपको 111 शिवलिंग के भी दर्शन-पूजन करने का अवसर प्राप्त होगा. 
मन्नत वाला पेड़

इस मंदिर में आपको एक मन्नत वाला पेड़ भी मिल जाएगा, जहां पर लोग मन्नत मांगकर चुन्नी बांधते हैं और पूरी होने के बाद उसे खोल देते हैं. इस मंदिर में सुबह 5 बजे मां का 16 श्रंगार फूलों से किया जाता है. 

कितने बजे खुलता है मंदिर

नवरात्र के समय मंदिर सुबह 5 बजे से रात 12 बजे तक खुला रहता है, वहीं, सामान्य दिनों में सुबह 5 से दोपहर 12 बजे तक और फिर शाम 4 से रात 9 बजे तक खुला रहता है. 

कैसे पहुंचे मंदिर

इस मंदिर तक पहुंचने के लिए नजदीकी मेट्रो स्टेशन प्रीत विहार है. यहां से निकलने के बाद आप आटो या रिक्शा लेकर मंदिर तक पहुंच सकते हैं. 

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