Ganesh Chaturthi 2026: भगवान गणेश के जन्मोत्सव के तौर पर गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है. इस खास मौके पर श्रद्धालु अपने घरों में गणपति बप्पा की मूर्ति लाते हैं और शुभ समय पर पूरे विधि विधान के साथ उसे स्थापित करते हैं. इसके बाद, भगवान गणेश की पूजा की जाती है और उन्हें मोदक, लड्डू और फलों समेत कई तरह के प्रसाद चढ़ाए जाते हैं. श्रद्धालु पूजा के दौरान गणेश मंत्रों का जाप करते हैं और अपने परिवार के साथ आरती करते हैं. मगर क्या आप जानते हैं कि आखिर गणेश चतुर्थी पर गणपति मूर्ति की स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है, पूजा विधि क्या है.
Ganesh Chaturthi 2026 Live: घर-घर गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू
गणेश चतुर्थी के साथ ही घर-घर गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, आज सुबह 7:28 बजे के बाद चतुर्थी तिथि शुरू होने से कई श्रद्धालु आज ही गणेश चतुर्थी मनाएंगे, जबकि उदयातिथि को मानने वाले भक्त 15 सितंबर को पूजा करेंगे. गणेशोत्सव का यह पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक पूरे 10 दिनों तक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा.
Ganesh Chaturthi 2026 Live: मेहंदी और मोदक प्रसादी पाने को लेकर भी खास उत्साह
जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सिंजारा महोत्सव का उल्लास देखते ही बन रहा है. बप्पा के दर्शन और आशीर्वाद के लिए सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. सिंजारा पर्व के मौके पर श्रद्धालुओं में मेहंदी और मोदक प्रसादी पाने को लेकर भी खास उत्साह नजर आ रहा है. पूरे मंदिर परिसर में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे गूंज रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और बैरिकेडिंग के जरिए दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखा जा रहा है.
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश भगवान को क्यों चढ़ाया जाता है सिंदूर
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को सिंदूर चढ़ाने की खास परंपरा है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सिंदूर अर्पित करने से बप्पा प्रसन्न होते हैं और भक्तों के संकट दूर होते हैं. पूजा में स्नान और प्रारंभिक पूजन के बाद गणपति को सिंदूर चढ़ाएं. इसके बाद दूर्वा, लाल फूल और मोदक अर्पित करें. ज्योतिषीय मान्यता में सिंदूर का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है, जबकि भगवान गणेश को बुध ग्रह का कारक बताया गया है. गणपति की पूजा को केतु से जुड़े दोषों की शांति से भी जोड़ा जाता है. मान्यता है कि गणेशोत्सव में सिंदूर से बप्पा का श्रृंगार करने से बाधाएं दूर होती हैं और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
Ganesh Chaturthi 2026 Live: चांद कब नहीं देखना चाहिए?
निषेध समय: सुबह 08:28 बजे से शाम 07:37 बजे तक
कब करें दर्शन: शाम 07:37 बजे के बाद ही चंद्रमा देखना सुरक्षित
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन करने से मिथ्या दोष लगने की मान्यता है. वहीं, मिथिला में मनाए जाने वाले चौरचन पर्व पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर उसका दर्शन करने की परंपरा है. इसलिए व्रत रखने वाले लोग अपने क्षेत्र के पंचांग और स्थानीय परंपराओं के अनुसार ही पूजा-विधि और चंद्र दर्शन करें.
Ganesh Chaturthi 2026 Live: सिद्धिविनायक मंदिर में हुई आरती
मुंबई: गणेश चतुर्थी के मौके पर सिद्धिविनायक मंदिर में आरती की गई. इस दौरान मंदिर में भक्तों की भीड़ देखी गई.
#WATCH मुंबई: गणेश चतुर्थी के अवसर पर सिद्धिविनायक मंदिर में आरती की गई। इस दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। pic.twitter.com/HKGJZYXKYX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 14, 2026
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकाल
बाबा महाकाल की भस्म आरती में बाबा महाकाल को रजत आभूषण के साथ भांग-चंदन अर्पित किए गए.
ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः 🙏🏻
— Ujjain (@ujjain_live) September 13, 2026
दिनांक 13 सितम्बर 2026 को ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का संध्या काल आरती श्रृंगार दर्शन #mahakal #ujjain pic.twitter.com/AazkEuGLcE
Ganesh Chaturthi 2026 Live: भगवान का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे लोग
महाराष्ट्र: गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए मुंबई में लालबागचा राजा के पास लोगों की भीड़ जमा हुई.
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: A crowd gathers at Lalbaugcha Raja in Mumbai to seek the blessings of Lord Ganesha on the occasion of Ganesh Chaturthi festival. pic.twitter.com/XXg5EN1jQV
— ANI (@ANI) September 14, 2026
Ganesh Chaturthi 2026 Live: श्री संवेदना विनयगर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
श्री संवेदना विनयगर मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह से ही तिरुवन्नामलाई में दिव्य गणपति आरती हुई. जहां हर लौ और मंत्र में श्री गणेश की प्रार्थना होती है.
Ganesh Chaturthi Today:
— Akanksha Parmar (@iAkankshaP) September 14, 2026
Divine Ganpati Aarti at Sri Sambandha Vinayagar Temple, Tiruvannamalai
Where every flame and chant carries a prayer to Shri Ganesh. pic.twitter.com/QzyXKx8j77
Ganesh Chaturthi 2026 Live: देशभर में गणेशोत्शव की धूम, मंदिरों में भक्तों की भीड़
कर्नाटक के गौरी-गणेश और गणेश चतुर्थी उत्सव के लिए बेंगलुरु के बसवनगुड़ी में श्री डोड्डा गणपति मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है.
#WATCH | Bengaluru, Karnataka: Devotees throng Sri Dodda Ganapathi Temple in Basavanagudi, Bengaluru for Gauri-Ganesha and Ganesh Chaturthi celebrations. pic.twitter.com/XkSMBRSX2u
— ANI (@ANI) September 14, 2026
Ganesh Chaturthi 2026 Live: बप्पा की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान
घर पर कभी भी खंडित मूर्ति की स्थापना न करें।
बप्पा की पूजा में तुलसी का बिल्कुल भी इस्तेमाल न करें।
मूर्ति का विसर्जन विधि विधान करें।
इस दौरान घर में प्याज-लहसुन का इस्तेमाल न करें।
मूर्ति को अपवित्र हाथों से न छुएं।
Ganesh Chaturthi 2026 Live: पूजा मुहूर्त
गणेश चतुर्थी पूजा और स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 से दोपहर 01:31 बजे तक रहेगा.
गणेश चतुर्थी पर वर्जित चन्द्रदर्शन का समय सुबह 09:06 से रात 08:04 बजे तक रहेगा.
गणेश चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह 07:06 से 15 सितंबर की सुबह 07:44 बजे तक रहेगी.
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी पर अपनों को भेजें संस्कृत विशेज
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
गणेश चतुर्थी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
Ganesh Chaturthi 2026 Live: लालबागचा राजा की कौन करता है देखभाल
लालबागचा राजा की प्रतिमा की देखरेख कांबली परिवार पिछले 80 से भी अधिक सालों से कर रहा है. यह परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस जिम्मेदारी को निभाते हुए मंडल से जुड़ी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है. यही वजह है कि लालबागचा राजा केवल एक प्रसिद्ध गणेश प्रतिमा नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और विरासत का भी प्रतीक माना जाता है.
Ganesh Chaturthi 2026 Live: लालबागचा राजा दर्शन, मुंबई से सीधा LIVE
मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. गणेश चतुर्थी के खास मौके पर मुंबई से देखिए लालबागचा राजा का भव्य स्वरूप और उत्सव का सीधा लाइव अपडेट.
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणपति की स्थापना करते समय इन मंत्रों का जरूर करें जाप
- ॐ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ॥
- श्री वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटी समप्रभा निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्व-कार्येशु सर्वदा॥
- ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
- गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।
- ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
Ganesh Chaturthi 2026 Live: भगवान गणेश जी का पूजा मंत्र
- वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
- एकदन्ताय शुद्घाय सुमुखाय नमो नमः। प्रपन्न जनपालाय प्रणतार्ति विनाशिने ॥
- ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ति प्रचोदयात्॥
- ॐ गं गणपतये नमो नमः
Ganesh Chaturthi 2026 Live: श्री सिद्धिविनायक आरती
सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची ।
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ।
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची ।
कंठी झलके माल मुकताफळांची ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव,
जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः,
कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा ।
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा ।
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा ।
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव,
जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः,
कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना ।
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना ।
दास रामाचा वाट पाहे सदना ।
संकटी पावावे निर्वाणी, रक्षावे सुरवर वंदना ।
जय देव जय देव..
जय देव जय देव,
जय मंगल मूर्ति ।
दर्शनमात्रे मनः,
कामना पूर्ति
जय देव जय देव ॥
भगवान गणेश के भोग की लिस्ट
- फल
- बेसन के लड्डू
- मोदक
- सूजी का हलवा
- केसरिया खीर
- पंचामृत
- तिल-गुड़ के लड्डू
- नारियल के लड्डू
गणेश चतुर्थी 2026 स्थापना और पूजा विधि
Ganesh Chaturthi 2026 Live: गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें. इसके बाद जिस स्थान पर भगवान गणेश की स्थापना करनी है, उसे अच्छी तरह साफ कर लें. अब एक चौकी रखें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं. चौकी पर थोड़े अक्षत रखें और इसके बाद भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करें. मान्यता के अनुसार प्रतिमा का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है.
प्रतिमा स्थापित करने के बाद उस पर गंगाजल का छिड़काव करें. इसके साथ ही गणेश जी के पास एक कलश स्थापित करें. कलश में आम के पत्ते, अक्षत, सुपारी और एक सिक्का डालें. कलश पर मौली बांधकर उसके ऊपर नारियल रखें. इसके बाद घी का दीपक जलाएं और भगवान गणेश की प्रतिमा व कलश पर तिलक लगाएं. बप्पा को फूल, दूर्वा और अक्षत अर्पित करें. पूजा के दौरान भगवान गणेश को मोदक, मिठाई और फल का भोग लगाएं.
पूजा करते समय 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करें. इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों के साथ गणेश जी की आरती करें और उनसे जीवन के सभी विघ्न दूर करने की प्रार्थना करें. घर में जितने दिनों तक गणपति बप्पा विराजमान रहें, उतने दिनों तक सुबह-शाम उनकी पूजा करें, भोग लगाएं और आरती करें. माना जाता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से की गई गणेश पूजा से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है.
लालबागचा राजा के दर्शन का समय?
Ganesh Chaturthi 2026 Live: लालबागचा राजा के दर्शन पूरे गणेशोत्सव के दौरान लगभग 24 घंटे यानी दिन-रात जारी रहते हैं. पिछले कुछ सालों के शेड्यूल को देखते हुए बात की जाए तो आम श्रद्धालुओं के लिए जनरल दर्शन सुबह करीब 5 बजे शुरू हो जाते हैं. वहीं, मुख दर्शन और चरण स्पर्श के लिए लाइनें सुबह 6 बजे खुलती हैं और देर रात तक चलती रहती हैं.
स्थान- लालबाग मार्केट, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर रोड, परेल, मुंबई
उत्सव की अवधि- गणेशोत्सव आज 14 सितंबर 2026 (गणेश चतुर्थी) से शुरू होकर 25 सितंबर 2026 (अनंत चतुर्दशी/विसर्जन) तक चलेगा.
लालबागचा राजा की पहली झलक
Ganesh Chaturthi 2026 Live: इस साल भी भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा सिंहासन पर विराजमान नजर आई, जिसमें उनका शांत, दयालु और कृपालु स्वरूप दिखाई दे रहा है. हर साल लालबागचा राजा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पंडाल पहुंचते हैं.
शानदार कारीगरी और रंग-बिरंगी रोशनी श्रद्धालुओं का खींच रही ध्यान
मुंबई में गणेश उत्सव की रौनक देखते ही बन रही है. मशहूर लालबागचा राजा के पंडाल को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया है. मुख्य द्वार पर की गई शानदार कारीगरी और रंग-बिरंगी रोशनी श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय और भव्य नजर आ रहा है.
VIDEO | Mumbai: The main gates of the famous Lalbaugcha Raja's pandal showcases intricate architecture and has been illuminated with vibrant lights, setting a grand devotional tone.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 13, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/eZtDtpgZzF
यहां पढ़ें गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa Lyrics)
जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥
चौपाई
जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥
जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्घि विधाता॥
वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥
राजत मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥
पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं। मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥
सुन्दर पीताम्बर तन साजित। चरण पादुका मुनि मन राजित॥
धनि शिवसुवन षडानन भ्राता। गौरी ललन विश्व-विख्याता॥
ऋद्घि-सिद्घि तव चंवर सुधारे। मूषक वाहन सोहत द्घारे॥
कहौ जन्म शुभ-कथा तुम्हारी। अति शुचि पावन मंगलकारी॥
एक समय गिरिराज कुमारी। पुत्र हेतु तप कीन्हो भारी॥
भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा। तब पहुंच्यो तुम धरि द्घिज रुपा॥
अतिथि जानि कै गौरि सुखारी। बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥
अति प्रसन्न है तुम वर दीन्हा। मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥
मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला। बिना गर्भ धारण, यहि काला॥
गणनायक, गुण ज्ञान निधाना। पूजित प्रथम, रुप भगवाना॥
अस कहि अन्तर्धान रुप है। पलना पर बालक स्वरुप है॥
बनि शिशु, रुदन जबहिं तुम ठाना। लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥
सकल मगन, सुखमंगल गावहिं। नभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं॥
शम्भु, उमा, बहु दान लुटावहिं। सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं॥
लखि अति आनन्द मंगल साजा। देखन भी आये शनि राजा॥
निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं। बालक, देखन चाहत नाहीं॥
गिरिजा कछु मन भेद बढ़ायो। उत्सव मोर, न शनि तुहि भायो॥
कहन लगे शनि, मन सकुचाई। का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई॥
नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ। शनि सों बालक देखन कहाऊ॥
पडतहिं, शनि दृग कोण प्रकाशा। बालक सिर उड़ि गयो अकाशा॥
गिरिजा गिरीं विकल हुए धरणी। सो दुख दशा गयो नहीं वरणी॥
हाहाकार मच्यो कैलाशा। शनि कीन्हो लखि सुत को नाशा॥
तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो। काटि चक्र सो गज शिर लाये॥
बालक के धड़ ऊपर धारयो। प्राण, मंत्र पढ़ि शंकर डारयो॥
नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे। प्रथम पूज्य बुद्घि निधि, वन दीन्हे॥
बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा। पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥
चले षडानन, भरमि भुलाई। रचे बैठ तुम बुद्घि उपाई॥
धनि गणेश कहि शिव हिय हरषे। नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥
चरण मातु-पितु के धर लीन्हें। तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥
तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई। शेष सहसमुख सके न गाई॥
मैं मतिहीन मलीन दुखारी। करहुं कौन विधि विनय तुम्हारी॥
भजत रामसुन्दर प्रभुदासा। जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा॥
अब प्रभु दया दीन पर कीजै। अपनी भक्ति शक्ति कछु दीजै॥
श्री गणेश यह चालीसा। पाठ करै कर ध्यान॥
नित नव मंगल गृह बसै। लहे जगत सन्मान॥
दोहा
सम्वत अपन सहस्त्र दश, ऋषि पंचमी दिनेश।
पूरण चालीसा भयो, मंगल मूर्ति गणेश॥
गणेश विसर्जन कब होगा?
2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को पड़ेगी और इसे गणेश विसर्जन का मुख्य दिन माना जाता है हालांकि, कई परिवार अपनी परंपरा के हिसाब से डेढ़, तीन, पांच या सात दिन बाद भी गणपति विसर्जन करते हैं.
भगवान गणेश की मूर्ति कैसे स्थापित करें?
- गणेश स्थापित करने से पहले पूजा की जगह को अच्छी तरह साफ कर लें.
- चौकी रखें और उस पर लाल या पिले रंग का कपड़ा बिछा दे.
- चौकी पर थोड़े से अक्षत (चावल) रखें.
- इसके बाद भगवान की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें.
- प्रतिमा के साथ में कलश स्थापित करें.
- भगवान गणेश को फिर दूर्वा और अक्षत चढ़ाएं.
- फल, मोदक, मिठाई भोग के रूप में उन्हें अर्पित करें.
- ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें और आराधना करें.
- इसके बाद भगवान गणेश जी की आरती करें.