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This Article is From Mar 30, 2026

April Ekadashi 2026: अप्रैल महीने में कब रखा जाएगा एकादशी व्रत? जानें वरुथिनी और मोहिनी एकादशी की तिथि

Ekadashi kab hai: अप्रैल 2026 में दो महत्वपूर्ण एकादशी पड़ रही हैं, वरुथिनी एकादशी और मोहिनी एकादशी. खास बात यह है कि दोनों एकादशी सोमवार के दिन पड़ रही हैं, जिससे भगवान शिव की पूजा का भी विशेष संयोग बन रहा है. आइए जानते हैं वरुथिनी एकादशी और वरुथिनी एकादशी की तिथि-

April Ekadashi 2026: अप्रैल महीने में कब रखा जाएगा एकादशी व्रत? जानें वरुथिनी और मोहिनी एकादशी की तिथि
अप्रैल महीने में कब रखा जाएगा एकादशी व्रत?

April Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बेहद खास महत्व है. मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है और जीवन के कष्ट कम होते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, साल भर में कुल 24 एकादशी आती हैं और हर एकादशी का अलग धार्मिक महत्व होता है. अप्रैल 2026 में भी दो महत्वपूर्ण एकादशी पड़ रही हैं, वरुथिनी एकादशी और मोहिनी एकादशी. खास बात यह है कि दोनों एकादशी सोमवार के दिन पड़ रही हैं, जिससे भगवान शिव की पूजा का भी विशेष संयोग बन रहा है. आइए जानते हैं वरुथिनी एकादशी और वरुथिनी एकादशी की तिथि-

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कब है वरुथिनी एकादशी?

वरुथिनी एकादशी वैशाख मास के कृष्ण पक्ष में आती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार वरुथिनी एकादशी तिथि 13 अप्रैल 2026 को रात 1:17 बजे शुरू होगी और इसका समापन 14 अप्रैल 2026 को रात 1:08 बजे होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा और इसका पारण 14 अप्रैल 2026 को द्वादशी तिथि में किया जाएगा.

स्कंद पुराण में वरुथिनी एकादशी व्रत का फल हजारों वर्षों की तपस्या के बराबर बताया गया है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और महान पुण्य की प्राप्ति होती है.

कब है मोहिनी एकादशी?

मोहिनी एकादशी वैशाख शुक्ल पक्ष में पड़ती है. द्रिक पंचांग के अनुसार, मोहिनी एकादशी तिथि 26 अप्रैल 2026 को शाम 6:07 बजे शुरू होगी और इसका समापन 27 अप्रैल 2026 को शाम 6:15 बजे होगा. उदया तिथि के अनुसार, मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल 2026, सोमवार को रखा जाएगा.

इस एकादशी का महत्व खास तौर पर मन के मोह और आसक्ति से मुक्ति दिलाने में माना जाता है. मान्यता है कि मोहिनी एकादशी पर व्रत करने से व्यक्ति के भीतर की नकारात्मकता खत्म होती है और उसे मानसिक शांति मिलती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम ने भी इस व्रत का पालन किया था.

एकादशी व्रत की आसान पूजा विधि
  • एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ कपड़े धारण करें. 
  • इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. 
  • पूजा के समय भगवान को धूप, दीप, फूल और फल अर्पित करें. 
  • भोग में मिठाई और तुलसी के पत्ते चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है. 
  • इस दिन विष्णु मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का जाप करना भी लाभकारी माना जाता है.

भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को भगवान की आरती करते हैं. अगले दिन द्वादशी तिथि पर पूजा करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन से एकादशी व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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