आज यानी 8 सितंबर, मंगलवार को भौम प्रदोष व्रत रखा जा रहा है. हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है. प्रदोष व्रत अगर मंगलवार के दिन पड़ता है, तो इसे भौम प्रदोष कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ की सच्चे मन से पूजा करने और व्रत रखने से भक्तों को शिव जी की कृपा मिलती है. वहीं, सनातन धर्म में किसी भी पूजा को आरती के बिना पूरा नहीं माना जाता है. ऐसे में अगर आपने भी आज भौम प्रदोष का व्रत रखा है, तो शिव पूजा के बाद भोलेनाथ की आरती जरूर करें. आरती के दौरान भगवान शिव का ध्यान करें और पूरे मन से उनका गुणगान करें.
यहां पढ़ें भगवान शिव की संपूर्ण आरती
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा
एकानन चतुरानन पंचानन राजे,
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥
ॐ जय शिव ओंकारा
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे,
त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे॥
ॐ जय शिव ओंकारा
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी,
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी.
ॐ जय शिव ओंकारा
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥
ॐ जय शिव ओंकारा
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूल धर्ता,
जगकर्ता जगभर्ता जग संहारकर्ता॥
ॐ जय शिव ओंकारा
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका,
प्रणवाक्षर में शोभित यह त्रिवेद का टीका॥
ॐ जय शिव ओंकारा
ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा.
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥
ॐ जय शिव ओंकारा
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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