हिन्दू धर्म में हर महीने का अपना-अपना महत्व होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार फिलहाल ज्येष्ठ का महीना चल रहा है और जल्द ही आषाढ़ की शुरुआत हो जाएगी. इस महीने में भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है. साथ ही इस माह में वर्षा ऋतु की भी शुरुआत हो जाती है, जिस कारण हर तरफ हरियाली और नई ऊर्जा का वास होता है. इस साल आषाढ़ का महीना 30 जून से शुरू होने जा रहा है. आज हम आपको इस महीने के सभी महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं...
आषाढ़ माह 2026 के व्रत-त्योहार
- 30 जून- आषाढ़ माह की शुरुआत
- 3 जुलाई- संकष्टी चतुर्थी
- 10 जुलाई- योगिनी एकादशी
- 12 जुलाई- मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत (कृष्ण)
- 14 जुलाई- आषाढ़ अमावस्या
- 16 जुलाई- जगन्नाथ रथ यात्रा, कर्क संक्रांति
- 25 जुलाई- देवशयनी एकादशी, अषाढ़ी एकादशी
- 26 जुलाई- प्रदोष व्रत (शुक्ल)
- 29 जुलाई- गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत
आषाढ़ माह में क्या करें?
- आषाढ़ महीने में रोज भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है.
- इस महीने में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का जरूर दान करना चाहिए.
- आषाढ़ माह में हर दिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना चाहिए.
- आषाढ़ माह में तुलसी के पौधे में पीले रंग के कलावे से 108 गांठ बांधना शुभ होता है. इससे शादी के प्रबल योग बनते हैं.
आषाढ़ माह में क्या न करें?
- आषाढ़ माह में प्याज-लहसुन और तामसिक भोजन का सेवन करने से बचें.
- आषाढ़ माह में मदिरा का सेवन और किसी तरह का नशा न करें.
- आषाढ़ महीने में बड़ों का अनादर न करें और किसी को बुरा न बोलें.
आषाढ़ महीने का महत्व
आषाढ़ का महीने बेहद पवित्र माना जाता है. इसी महीने में देवशयनी एकादशी मनाई जाती है जिसमें भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं. इसके साथ ही चतुर्मास की शुरुआत हो जाती है. इस दौरान सभी तरह के मांगलिक कार्यों की रोक होती है. इसके अलावा ये महीना गुरु की कृपा पाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण और लाभदायक माना जाता है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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