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हरियाली अमावस्या 2026 पर लग रहा पूर्ण सूर्य ग्रहण, ज्योतिषाचार्य से जानें क्या आज पूजा और पितरों का तर्पण होगा या नहीं

हरियाली अमावस्या पर आज पूर्ण सूर्य ग्रहण लग रहा है. ऐसे में आइए ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं आज पितरों का तर्पण होगा या नहीं-

हरियाली अमावस्या 2026 पर लग रहा पूर्ण सूर्य ग्रहण, ज्योतिषाचार्य से जानें क्या आज पूजा और पितरों का तर्पण होगा या नहीं
हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण
(Photo Credit: NDTV)

आज श्रावण मास की अमावस्या तिथि है. इसे हरियाली अमावस्या या सावन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है. यह दिन भगवान शिव की पूजा, स्नान, दान और पितरों के तर्पण के लिए विशेष माना जाता है. हालांकि, इस बार हरियाली अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण भी पड़ रहा है. ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल है कि ग्रहण के कारण क्या आज पूजा-पाठ और पितरों का तर्पण किया जा सकता है या नहीं. आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य से- 

आज पितरों का तर्पण कर सकते हैं या नहीं?

ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित के अनुसार, आज लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा. हालांकि, ज्योतिष के अनुसार ग्रहण का संबंध सूर्य से होने के कारण इसका प्रभाव सभी राशियों पर माना जाता है, लेकिन धार्मिक कार्यों पर भारत में ग्रहण के कारण कोई रोक नहीं रहेगी.

यानी आज हरियाली अमावस्या की पूजा करने के साथ पितरों का तर्पण, स्नान और दान भी किया जा सकता है. भक्त भगवान शिव की पूजा कर परिवार की सुख-शांति और पितरों के आशीर्वाद की कामना कर सकते हैं.

कब से कब तक रहेगी अमावस्या तिथि?

पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि 12 अगस्त की रात 1 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर इसी रात 11 बजकर 7 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को ही मनाई जा रही है. इस दिन संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें. अगर ऐसा संभव न हो तो घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना भी धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है.

स्नान और दान का शुभ समय

हरियाली अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 6 मिनट तक रहेगा. इस दौरान स्नान, ध्यान और दान करना विशेष फलदायी माना जाता है.

वहीं, अगर आप इस समय स्नान-दान नहीं कर पाए हैं, तो पूजा और दूसरे धार्मिक कार्यों के लिए अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. इस समय भगवान शिव की पूजा और अन्य शुभ धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं.

ज्योतिषाचार्य कहते हैं, हरियाली अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण और जरूरतमंदों को दान करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस बार भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण तर्पण और पूजा करने में कोई बाधा नहीं है. इसलिए श्रद्धालु आज श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा करें, पितरों का स्मरण करें और अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र या अन्य जरूरी चीजों का दान कर सकते हैं. 

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