हिंदू और जैन धर्म में अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) बहुत महत्वपूर्ण त्योहार है. हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया मनाया जाता है. अक्षय तृतीया इतनी शुभ तिथि है कि इस अबूझ मुहूर्त होता है. यानी इस दिन विवाह से लेकर नया व्यवसाय करने के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ पूजा-पाठ और दान पुण्य कई गुणा अधिक फलदायी होते हैं. इस दिन सोने की खरीदारी बहुत शुभ मानी जाती है. आइए जानते हैं कब है अक्षय तृतीया और क्या है इसका महत्व.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
कब है अक्षय तृतीया
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया इस वर्ष 10 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी. वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 10 मई को सुबह 4 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर 11 मई को सुबह 2 बजकर 50 मिनट तक रहेगी. माता लक्ष्मी की पूजा के लिए मुहूर्त सुबह 5 बजकर 49 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक है.
अक्षय तृतीया का महत्वअक्षय तृतीया जीवन में सुख सौभाग्य लाती है. इस दिन किया गया कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य कई गुणा अधिक फलदायी माने गए हैं. इस दिन नया काम शुरू करना, वाहन या सोना खरीदना बहुत शुभ होता है. मान्यता है कि अक्षय तृतीया को पूरे दिन अबूझ मुहूर्त (Aboojh Muhurt) रहता है. विवाह जैसे मांगलिग कार्य के लिए मुहूर्त देखने की जरूरत नही पड़ती है.
देशभर में मनाई जाती है अक्षय तृतीयाजहां उत्तर भारत में लोग व्रत रखते हैं, नदी स्नान करते हैं, वहीं पश्चिम के राज्यों जैसे राजस्थान और गुजरात में लोग इस दिन सोने या चांदी के बर्तन की खरीदारी करते हैं. दक्षिण के राज्यों, केरल और तमिलनाडु में इस दिन आखा तीज की पूजा विधि-विधान से की जाती है. इस दिन पूरे देया में विवाह और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य किए जाते हैं. जैन धर्म में इस दिन का बहुत महत्व है. कहा जाता है कि इस दिन प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव ने गन्ने का रस पीकर अपना उपवास समाप्त किया था.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं