विज्ञापन

Aaj ka Panchang 29 September 2026: अश्विन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग

29 September 2026 Panchang: आज अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि शाम 5:10 बजे तक रहेगी. इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी. साथ ही पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा.

Aaj ka Panchang 29 September 2026: अश्विन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग
आज का पंचांग 29 सितंबर 2026
Photo Credit: NDTV

Aaj ka Panchang 29 September 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है.   

आज की तिथि

28 सितंबर 2026 को अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि शाम 5:10 बजे तक रहेगी. इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी. सोमवार सुबह 6:21 बजे सूर्योदय और शाम 5:12 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, शाम 7:56 चंद्रोदय और सुबह 9:46 बजे चंद्रास्त होगा.

जान लें नक्षत्र

पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य हस्त नक्षत्र में रहेगा. ज्योतिष के अनुसार, सूर्य के हस्त नक्षत्र में प्रवेश करने से सभी 12 राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है. हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा का सूर्य से मित्रता का संबंध माना गया है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हस्त नक्षत्र तेरहवां नक्षत्र है, जिसका अर्थ 'हाथ' होता है. इस नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है.

आज का योग

सोमवार को हर्षण योग सुबह 6:13 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 30 सितंबर को भोर में 3:20 बजे तक रहेगा. हिन्दू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 27 नित्य (नैसर्गिक) योगों में से 14वां योग है. 'हर्षण' शब्द का शाब्दिक अर्थ 'खुशी', 'प्रसन्नता' या 'आनंद' होता है. यह एक अत्यंत शुभ और सकारात्मक योग माना जाता है. इस योग में किए जाने वाले कार्य आनंद और सफलता प्रदान करते हैं. इस योग को उत्सव, विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण, पार्टी या किसी नए व्यापार की शुरुआत के लिए बहुत अनुकूल माना जाता है.

नोट करें शुभ मुहूर्त

इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:53 से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ और फलदायी समय माना जाता है. आमतौर पर यह लगभग 48 मिनट (या दिनमान के अनुसार गणना किया गया आठवां मुहूर्त) होता है. माना जाता है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्यों से सभी प्रकार के अशुभ प्रभाव या दोष स्वतः नष्ट हो जाते हैं. जब सूर्य ठीक सिर के ऊपर रहते हैं तब अभिजीत मुहूर्त की बेला होती है.

सोमवार को सुबह 3:05 से 4:35 बजे तक अमृत काल रहेगा. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, अमृतकाल एक अत्यंत शुभ, मंगलकारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर समयावधि (मुहूर्त) होता है. इसे अमृत के समान उत्तम फल देने वाला माना जाता है. इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना सबसे अधिक होती है. नए व्यापार, निवेश, पूजा-पाठ, और महत्वपूर्ण यात्रा के लिए यह समय श्रेष्ठ माना गया है.

जान लें राहुकाल

इस दिन राहुकाल शाम 3:15 बजे से 4:43 बजे तक रहेगा. हिन्दू ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है जिसे किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. राहुकाल को सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय को 8 बराबर भागों में बांटकर निकाला जाता है, जो हर दिन लगभग 90 मिनट का होता है. स्थान बदलने के साथ इसके समय में भी बदलाव हो जाता है. इस दौरान कोई नया काम शुरू नहीं करना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है.

सोमवार को गुलिक काल दोपहर 12:17 से 1:46 बजे तक रहेगा. गुलिक काल को 'विषैला समय' भी कहा जाता है. यह एक उपग्रह है, इसको अशुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस काल में किए गए कार्य नकारात्मक परिणाम देते हैं. इस काल में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए, लेकिन जो काम पहले से चल रहे हैं, उनको जारी रखा जा सकता है. जो काम बार-बार करना चाहते हैं तो इस काल में किया जा सकता है. बैंक में पैसे जमा करना, दान देना या निवेश करना इस काल में अच्छा माना जाता है.

इस दिन यमगंड काल सुबह 9:19 से 10:48 बजे तक रहेगा. यह समय मृत्यु के देवता यमराज से जुड़ा हुआ माना जाता है. इस समय के दौरान स्वास्थ्य, दीर्घायु या सामान्य दुर्भाग्य से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. इस काल को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अशुभ माना जाता है. नया व्यापार या नया काम शुरू करने से बचना चाहिए. इस दौरान किसी यात्रा पर भी निकलने से बचना चाहिए और पैसों के लेनदेन से भी बचना चाहिए.

ग्रहों की स्थिति

सोमवार को सूर्य कन्या राशि में स्थित रहेंगे, जब सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन, कामकाज और बौद्धिक क्षमता पर विशेष रूप से पड़ता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान व्यावहारिक और योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी माना जाता है.

इस दिन चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहेगा. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मेष राशि में चंद्रमा के होने से व्यक्ति के भीतर ऊर्जा, साहस, और उत्साह में भारी वृद्धि होती है. मेष राशि का स्वामी मंगल है और चंद्रमा मन का कारक है. इन दोनों के मेल से व्यक्ति साहसी और आत्मविश्वास से भरपूर होता है. मन चंचल होने के कारण भावनाओं में तीव्र उतार-चढ़ाव आ सकते हैं.

दिशाशूल

सोमवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, दिशाशूल उस अशुभ दिशा को कहते हैं, जिसमें किसी खास दिन यात्रा करना या निकलना अशुभ माना जाता है.

(IANS की रिपोर्ट)

यह भी पढ़ें: पितृ पक्ष में नसीब वाले ही सुनते हैं ये पितृ चालीसा, पितरों की कृपा से दूर होगा संकट

यह भी पढ़ें: घर से दूर हैं तो कैसे करें श्राद्ध? इन उपायों से मिलेगी पितरों की कृपा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Panchang, AAJ KA PANCHANG
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com