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बिहार में विपक्ष की "वोट चोरी" नहीं, "घुसपैठिया बचाओ" यात्रा है - केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह

वन नेशन-वन इलेक्शन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, "बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास में बड़ी बाधा हैं. हर 6 महीने में एक चुनाव होता है, लगातार चुनाव की तैयारियां चलती रहती है."

बिहार में विपक्ष की "वोट चोरी" नहीं, "घुसपैठिया बचाओ" यात्रा है - केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह
  • शिवराज सिंह ने कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है जहां कोई भी व्यक्ति आकर वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करा सकता है
  • कृषि मंत्री ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर को 7.8 प्रतिशत बताते हुए अर्थव्यवस्था की मजबूती का दावा किया
  • वन नेशन-वन इलेक्शन के पक्ष में बोलते हुए उन्होंने चुनावों के बार-बार होने से विकास में बाधा की बात कही
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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को बिहार चुनाव को लेकर विपक्ष पर करारा हमला बोला. दिल्ली के रामजस कॉलेज में आयोजित 'वन नेशन वन इलेक्शन' कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा, "देश में एक घुसपैठिया गठबंधन बना हुआ है, जो वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर विदेशी घुसपैठियों को शामिल रखने का प्रयास कर रहा है. आजकल बिहार में रैलियां निकल रही हैं. वो यात्रा वोट चोरी की यात्रा नहीं, बल्कि घुसपैठिया बचाओ यात्रा है. ये घुसपैठिया गठबंधन वाले चाहते हैं कि दूसरे देश से आने वाले लोग भी वोटर लिस्ट में बने रहें."

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'भारत कोई धर्मशाला नहीं है कि जिसकी मर्जी हो, वो घुस आए'

शिवराज सिंह ने कहा, "भारत कोई धर्मशाला नहीं है कि जिसकी मर्जी हो, वो घुस आए और वोटर लिस्ट में नाम चढ़वा ले, आधार कार्ड बनवा ले. सरकार विदेशी घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं करेगी, उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी."

बिहार के बाद पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए चौहान ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले से ही परेशान हैं, क्योंकि बिहार के चुनाव खत्म नहीं होंगे कि बंगाल का बिगुल बज जाएगा."

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'हमारी अर्थव्यवस्था डेड नहीं, लॉन्ग लाइव है'

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के "India is dead economy" बयान पर कटाक्ष करते हुए कृषि मंत्री ने इस साल की पहली तिमाही के जीडीपी ग्रोथ रेट का हवाला देते हुए जवाबी हमला किया. शिवराज ने कहा, "भारत की अर्थव्यवस्था को कभी ‘डेड' कहा गया था, लेकिन हालिया आंकड़ों ने इसका दमदार जवाब दे दिया है. अब यह साबित हो चुका है कि हमारी अर्थव्यवस्था डेड नहीं है, लॉन्ग लाइव है. इस तिमाही में भारत ने 7.8% की विकास दर दर्ज की है, जबकि दुनिया की बड़ी ताकतें इससे पीछे हैं. ग्रोथ के अनुमान जहां 6% के आसपास लगाए गए थे, वहीं वास्तविक आंकड़े सबको चौंकाने वाले हैं. कृषि क्षेत्र में भी भारत ने पहली तिमाही में 3.7% की दर हासिल की है".

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए 50% रेसिप्रोकल टैरिफ का हवाला देते हुए शिवराज सिंह ने कहा, "जब हमसे ऐसा समझौता करना चाहा, जो हमारे राष्ट्र हितों और किसानों के खिलाफ था तो हमने कह दिया कि ऐसा समझौता बिल्कुल नहीं होगा".

'बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास में बड़ी बाधा'

वन नेशन-वन इलेक्शन पर केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा, "बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास में बड़ी बाधा हैं. हर 6 महीने में एक चुनाव होता है, लगातार चुनाव की तैयारियां चलती रहती है. इससे देश को बड़ी हानि होती है, इसलिए विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराए जाने चाहिए. अगर "वन नेशन-वन इलेक्शन" लागू हो जाए तो चुनावी खर्च में भारी बचत होगी. आज चुनाव पर लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपए खर्च हो जाते हैं. अगर सब चुनाव एक साथ हो जाएं, तो यही खर्चा बचाया जा सकता है और उस धन का उपयोग विकास कार्यों में होगा".

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