- इन परियोजनाओं का लक्ष्य दिल्लीवासियों को ट्रैफिक से राहत दिलाना है.
- तो साथ ही दिल्ली की लाइफलाइन बन कर उभर रहे मेट्रो नेटवर्क को भी इससे बूस्ट यानी मजबूती मिलेगी.
- सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होगा तो भविष्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर की बुनियाद मजबूत होगी.
दिल्ली में सड़क, मेट्रो, फ्लाईओवर और EV चार्जिंग जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट अब तेजी से आगे बढ़ सकते हैं. केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की 28 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है. इनकी कुल लागत 1647 करोड़ रुपये है. इसके अलावा दिल्ली को अपने कैपेक्स यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर या पूंजीगत खर्च बढ़ाने पर 756 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिला है. यानी कुल मिलाकर दिल्ली को 2403 करोड़ रुपये का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज मिला है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद तिया और बताया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार की भेजी गई सभी 28 बड़ी विकास परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है. ये मंजूरी स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना यानी SASCI Scheme के तहत मिली है.
इन 28 परियोजनाओं की कुल लागत 1647 करोड़ रुपये है. इसके अलावा केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 756 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया है. यह राशि इसलिए दी गई क्योंकि दिल्ली सरकार ने अपने संसाधनों से कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी विकास कार्यों पर खर्च बढ़ाया है.
Under the visionary leadership of Hon'ble Prime Minister Shri @narendramodi, the Central Government has sanctioned a ₹2,403 crore infrastructure boost for Delhi.
— CMO Delhi (@CMODelhi) July 14, 2026
From Metro expansion and the Barapulla Elevated Corridor to EV infrastructure and 28 major development projects,… pic.twitter.com/rVEAG4ZVyV
किन परियोजनाओं को मंजूरी मिली?
जिन प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी मिली है उनमें दिल्ली मेट्रो से जुड़े प्रोजेक्ट, बारापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर, करावल नगर फ्लाईओवर, डीटीसी डिपो में ईवी चार्जिंग स्टेशन, सड़क व परिवहन से जुड़े कई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामिल हैं. इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली में ट्रैफिक कम करना, सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना और नागरिक सुविधाओं में सुधार करना है.
क्या है SASCI Scheme?
SASCI का पूरा नाम Special Assistance to States for Capital Investment यानी राज्यों को विशेष सहायता योजना है.
यह केंद्र सरकार की एक विशेष योजना है जिसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 50 साल के ब्याजमुक्त ऋण के रूप में वित्तीय सहायता दी जाती है.
इस पैसे का इस्तेमाल केवल नई पूंजीगत परियोजनाओं यानी ऐसे कामों में किया जा सकता है जिनसे लंबे समय तक लोगों को फायदा मिले. सड़क, पुल, फ्लाईओवर, मेट्रो, अस्पताल, स्कूल, जल आपूर्ति, बिजली, सार्वजनिक परिवहन और अन्य बुनियादी ढांचे में इनका इस्तेमाल किया जाता है.
इस योजना का मकसद राज्यों में विकास कार्यों की गति बढ़ाना और पूंजी निवेश को प्रोत्साहित करना है.

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756 करोड़ का एक्स्ट्रा इंसेंटिव क्यों मिला?
SASCI योजना में उन राज्यों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दिया जाता है जो अपने संसाधनों से ज्यादा पूंजीगत निवेश करते हैं. जिनकी वित्तीय अनुशासन बनी रहती है. जो रिफॉर्म लागू करते हैं और विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की क्षमता दिखाते हैं. दिल्ली को मिले 756 करोड़ रुपये का इंसेंटिव इसी कैटेगरी में आता है.
आम लोगों को क्या फायदा होगा?
अगर ये परियोजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो दिल्ली की सबसे पुरानी चली आ रही समस्या ट्रैफिक जाम से बहुत हद तक निजात मिल सकता है. साथ ही दिल्ली की लाइफलाइन बन कर उभर रहे मेट्रो नेटवर्क को भी इससे बूस्ट यानी मजबूती मिलेगी. नई सड़कें बनेंगी और फ्लाइओवर बनने से लोगों के रोज का सफर आसान, सुगम होगा. डीटीसी डिपो में ईवी चार्जर के बढ़ाए जाने से इलेक्ट्रिक बसों और वाहनों को बढ़ावा मिलेगा. सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होगा और भविष्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर की बुनियाद मजबूत होगी.
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