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This Article is From Aug 27, 2020

दिल्ली : कर्ज में डूबे दो सगे भाइयों ने की खुदकुशी, भाई बोला- प्राइवेट फाइनेंसर भेजते थे बाउंसर

दोनों भाइयों ने सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण आर्थिक लिखा है. किसी के नाम का जिक्र नहीं है. पुलिस का कहना है कि अगर किसी के नाम से शिकायत की जाएगी तो उसके खिलाफ मामला दर्ज होगा.

दिल्ली : कर्ज में डूबे दो सगे भाइयों ने की खुदकुशी, भाई बोला- प्राइवेट फाइनेंसर भेजते थे बाउंसर
दिल्ली के चांदनी चौक में दो भाइयों ने किया सुसाइड
नई दिल्ली:

दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में आर्थिक मंदी से लगे घाटे के चलते दो सगे भाईयों ने एक साथ आत्महत्या कर ली. दोनों भाईयों पर लाखों रुपए का कर्ज था. परिवार का आरोप है कि प्राइवेट फाइनेंसर ने इतना परेशान किया कि दोनों भाईयों ने एक साथ आत्महत्या कर ली. पोस्टमार्टम हाउस में अपने दो बड़े भाइयों की लाश लेने के लिए नमित अब अकेले रह गए हैं. नमित एक प्राइवेट जॉब कर रहे हैं जबकि अंकित और अर्पित दोनों भाई चांदनी चौक स्थित दुकान में ज्वैलरी का काम करते थे. बीते सालभर से काम मंदा हो गया था. 

इस दौरान प्राइवेट फाइनेंसरों से लाखों रुपए का कर्ज हो गया था. लॉकडाउन में दुकान बंद और भारी भरकम ब्याज देने का दबाव ये दोनों भाई सहन नहीं कर पाए और बुधवार देर शाम दोनों भाइयों ने एक साथ आत्महत्या कर ली. मृतकों के भाई नमित गुप्ता ने कहा कि दोनों भाई ज्वैलरी का काम करते थे. मार्केट से पैसा लिया था कुछ काम के लिए. कुछ दिन पहले किसी ने फिनायल लाकर दे दिया कि अगर पैसा नहीं दे सकते हो तो इसे पी लो. बाउंसर भेजते थे. 15 फीसदी ब्याज मांगते थे. मैं बस मीडिया से चाहता कि ऐसे लोगों को रोका जाए फिर ऐसा हादसा किसी के साथ न हो. 

दोनों भाइयों ने सुसाइड नोट में आत्महत्या का कारण आर्थिक लिखा है. किसी के नाम का जिक्र नहीं है. पुलिस का कहना है कि अगर किसी के नाम से शिकायत की जाएगी तो उसके खिलाफ मामला दर्ज होगा. बिजनेस हब के तौर पर मशहूर चांदनी चौक के कारोबारी इस घटना के बाद सदमें में हैं. 

व्यापारियों के संगठन कैट का मानना है कि लॉकडाउन के चलते देश के खुदरा कारोबारियों को 5.50 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इसी के चलते सुसाइड के मामलें तेजी से बढ़ रहे हैं. चांदनी चौक व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भारद्वाज ने कहा कि कोविड के टाइम में बड़ी समस्या हो गई है. चार चार महीने से कारोबार ठप है. घर के पैसे ही खा रहे हैं जीरो कमाई बैंक के पैसे भी देने हैं बहुत मुश्किल है. 

लॉकडाउन के चलते आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ी है. सुसाइड प्रिवेंशन इंडिया फाउंडेशन की स्टडी में पता चला है कि मानसिक तौर पर 73 फीसदी लोगों के बीमारी के पीछे आर्थिक अनिश्चितता है. 

(आत्‍महत्‍या किसी समस्‍या का समाधान नहीं है. अगर आपको सहारे की जरूरत है या आप किसी ऐसे शख्‍स को जानते हैं जिसे मदद की दरकार है तो कृपया अपने नजदीकी मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ के पास जाएं.)

हेल्‍पलाइन नंबर:

AASRA: 91-22-27546669 (24 घंटे उपलब्ध)

स्‍नेहा फाउंडेशन: 91-44-24640050 (24 घंटे उपलब्ध)

वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्‍थ: 1860-2662-345 और 1800-2333-330 (24 घंटे उपलब्ध)

iCall: 022-25521111 (सोमवार से शनिवार तक उपलब्‍ध: सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक)

एनजीओ: 18002094353 दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्‍ध)

वीडियो: कारोबार ठप हुआ तो दो सगे भाइयों ने की आत्महत्या

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