- दिल्ली सरकार ने पेड़ों की कटाई और नुकसान पर कड़ी कार्रवाई के लिए नई एसओपी जारी की है
- 24 घंटे निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो हर पेड़ कटने की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करेंगे
- जनता अब टोल-फ्री नंबर और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पेड़ों की कटाई या नुकसान की शिकायत सीधे दर्ज करा सकती है
दिल्ली में पेड़ों की कटाई या उन्हें नुकसान पहुंचाने पर सख्त ऐक्शन लिया जाएगा. रेखा गुप्ता सरकार ने इस बाबत नई एसओपी जारी कर दी है. इसके बाद पेड़ों की कटाई होने की शिकायत आम जन सीधे कर सकेंगे और इसपर कार्रवाई भी होगी. रेखा सरकार की नई एसओपी के अनुसार, अगर दिल्ली में कहीं भी पेड़ की कटाई हुई, तो तुरंत और सख्त ऐक्शन होगा. रेखा गुप्ता सरकार का यह कदम पेड़ों को बाचकर दिल्ली को हरा-भरा रखना है.
एक सेकेंड भी निगरानी से बाहर नहीं
सीएम रेखा गुप्ता ने पेड़ों की कटाई को लेकर जारी एसओपी पर कहा कि इसके लिए हमने 24 घंटे निगरानी रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाए हैं. हर शिकायत पर नजर रखी जाएगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि अब पेड़ों को बचाने के नियमों को जमीनी स्तर पर और ज्यादा सख्त कर दिया गया है.वन विभाग के अधिकारियों, जैसे बीट ऑफिसर और ट्री ऑफिसर को अब यह पावर दी गई है कि वे पेड़ों को नुकसान पहुंचाने वालों को रोक सकें, उनके औजारों को जब्त कर सकें और दूसरी सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें.इससे पेड़ों को काटने या नुकसान पहुंचाने की शिकायतों पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई हो पाएगी. साथ ही,दिन-राच निगरानी के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जो हर शिकायत पर नजर रखेंगे.
खास बातें भी जान लीजिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेड़ों को बचाने के लिए अब एक नया और कड़ा सिस्टम लागू कर दिया गया है.सरकार का दावा है कि अब पेड़ काटने या उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों की खैर नहीं होगी और उन पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा.
इस पूरे सिस्टम की सबसे खास बातें
➔जनता की भागीदारी: अब आम लोग भी पेड़ों को कटने से बचा सकते हैं. अगर आप कहीं भी पेड़ों को नुकसान पहुंचते हुए देखें, तो सीधे शिकायत कर सकते हैं.
➔शिकायत के तरीके: इसके लिए एक टोल-फ्री नंबर 1800118600 और एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है.
➔क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT): शिकायत मिलते ही यह टीम तुरंत मौके पर पहुंचेगी. वे न सिर्फ कार्रवाई करेंगे, बल्कि सबूत के तौर पर फोटो और वीडियो भी बनाएंगे ताकि दोषी बच न सके.
➔अधिकारियों को ज्यादा पावर: फील्ड में तैनात अफसरों को अब सख्त अधिकार दिए गए हैं.वे तुरंत काम रुकवा सकते हैं, मशीनें जब्त कर सकते हैं और पुलिस की मदद भी ले सकते हैं.
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