विज्ञापन

जिस फाइल की जांच का मिला जिम्मा, उसी के लिए मांग लिए 4 लाख, MCD डीसी के रिश्वतकांड की पूरी कहानी

MCD DC Corruption Case: डीसी अभिषेक मिश्रा को जिस फाइल की जांच का जिम्मा मिला उसे ही आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने 4 लाख मांग लिए. मामला शाहदरा नॉर्थ जोन से जुड़ा है. इसके बाद कई सवाल भी उठ रहे हैं, कि आखिर सीबीआई ने उन्हें रंगे हाथ कैसे पकड़ा?

जिस फाइल की जांच का मिला जिम्मा, उसी के लिए मांग लिए 4 लाख, MCD डीसी के रिश्वतकांड की पूरी कहानी
delhi mcd dc corruption arrest
  • दिल्ली एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा पर फाइल आगे बढ़ाने के लिए चार लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
  • CBI ने शिकायत मिलने के बाद 30 मार्च 2026 को ट्रैप ऑपरेशन कर रिश्वत लेते हुए AO देवांशु गौतम को गिरफ्तार किया
  • जांच में यह साबित हुआ कि रिश्वत की मांग डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा के निर्देश पर की गई थी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

दिल्ली में एक फाइल बढ़ाने के लिए 4 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में एमसीडी के डीसी पर सख्त ऐक्शन हुआ है. सीबीआई ने इसके अलावा इस जुर्म में एक और अधिकारी को पकड़ा है. डीसी अभिषेक मिश्रा को जिस फाइल की जांच का जिम्मा मिला उसे ही आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने 4 लाख मांग लिए. मामला शाहदरा नॉर्थ जोन से जुड़ा है. इसके बाद कई सवाल भी उठ रहे हैं, कि आखिर सीबीआई ने उन्हें रंगे हाथ कैसे पकड़ा? डीसी का पद कितना खास होता है? यह भी पता चला है कि एमसीडी के डिप्टी कमिश्नर सेना से डेपुटेशन पर आए थे. आइए आपको सारी बात बताते हैं. 

घूसकांड की टाइमलाइन, कैसे पकड़े गए? 

CBI की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत 30 मार्च 2026 को हुई थी. एजेंसी को एक शिकायत मिली थी.शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि MCD के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर देवांशु गौतम ने उनसे 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी.यह रिश्वत कथित तौर पर डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा के लिए मांगी गई थी. बदले में आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं को यह भरोसा दिया था कि उनकी जांच रिपोर्ट को उनके पक्ष में आगे बढ़ा दिया जाएगा.

CBI ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. शुरुआती जांच में ही आरोपों में सच्चाई नजर आई, जिसके बाद एजेंसी ने एक ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई. 30 मार्च को ही CBI की टीम ने जाल बिछाया और पूरी तैयारी के साथ आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने का प्लान तैयार किया. जैसे ही एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर देवांशु गौतम ने शिकायतकर्ताओं से 4 लाख रुपये की रिश्वत ली, CBI की टीम ने मौके पर ही उसे पकड़ लिया.यह कार्रवाई इतनी तेजी और सटीकता से की गई कि आरोपी को संभलने का मौका भी नहीं मिला.मौके पर ही रकम बरामद कर ली गई और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया.

Latest and Breaking News on NDTV

CBI की टीम को मौके से क्या-क्या मिला?

ट्रैप ऑपरेशन के दौरान और उसके बाद की जांच में डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा की भूमिका भी सामने आई. CBI को ऐसे सबूत मिले, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि रिश्वत की मांग उनके कहने पर ही की जा रही थी.इसके बाद CBI ने बिना देर किए अभिषेक मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया. इस तरह इस पूरे मामले में दोनों मुख्य आरोपी अब CBI की गिरफ्त में हैं.

CBI की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.एजेंसी ने साफ कर दिया है कि कोई भी अधिकारी, चाहे वह कितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हो, अगर वह भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें-  प्रीमियम पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े, अब 160 रुपये प्रति लीटर पहुंचा रेट, आम आदमी की जेब पर सीधा असर

किस मामले की फाइल थी जिसे आगे बढ़ाने के लिए मांगे गए 4 लाख

सूत्रों के मुताबिक, जिस जांच रिपोर्ट को आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी, वह काफी अहम थी और उससे शिकायतकर्ताओं के हित सीधे जुड़े हुए थे.ऐसे में आरोपियों ने अपनी स्थिति का फायदा उठाकर पैसे की मांग की,लेकिन शिकायतकर्ताओं ने हिम्मत दिखाते हुए इसकी जानकारी CBI को दी, जिसके बाद यह पूरी कार्रवाई संभव हो पाई.

Latest and Breaking News on NDTV

इन पदों पर थे डीसी अभिषेक मिश्रा

अभिषेक मिश्रा साल 2023 में डेपुटेशन पर आए थे. तब से नगर निगम के अलग-अलग जोन में महत्वपू्र्ण पदों पर तैनात थे. उन्होंने शाहदरा नॉर्थ जोन में डिप्टी कमिश्ननर के पद पर साल 2025 में आए थे. यहां आकर उनके ऊपर ये आरोप लगे हैं. 

केस में और लोग शामिल? पिछले रिकॉर्ड भी देखे जाएंगे

इस मामले के सामने आने के बाद MCD के कामकाज और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.आम जनता के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सरकारी दफ्तरों में आज भी काम कराने के लिए रिश्वत देना जरूरी है हालांकि, CBI की इस कार्रवाई से यह संदेश जरूर गया है कि अगर कोई नागरिक आगे आकर शिकायत करता है, तो कानून उसे न्याय दिलाने के लिए तैयार है.

यह भी पढ़ें- बेमौसम बारिश से खुश मत होना, मई -जून की गर्मी इस बार पसीने छुड़ा देगी, पढ़ लें मौसम विभाग की चेतावनी

कितना अहम है डीसी का पद?

एमसीडी का डिप्टी कमिश्नर वासा पद कोई मामूली पद नहीं है. ये बेहद ताकतवर माना जाता है. आप ऐसा कह सकते हैं कि डीसी अपने जोन का अघोषित कमिश्नर हो सकता है. उनके पास शिक्षा, इंजीनियरिंग, स्वच्छता,लाइसेंस जैसे विभाग डीसी के पास ही होते हैं. इसके अलावा डिप्टी कमिश्नर अवैध निर्माण पर कार्रवाई से लेकर सीलिंग खोलने और जोनल स्तर पर ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार भी इन्हीं के पास होता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com