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This Article is From Jul 03, 2019

दिल्ली: SC/ST वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना में संशोधन को मिली मंजूरी 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संशोधन को मंजूरी दी गई.

दिल्ली: SC/ST वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना में संशोधन को मिली मंजूरी 
दिल्ली सरकार ने दी मंजूरी
नई दिल्ली:

दिल्ली सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं में संशोधन को मंजूरी दे दी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस संशोधन को मंजूरी दी गई. दिल्ली सरकार की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिये मौजूदा परिदृश्य में छात्रवृत्ति योजनाओं की विभाग ने समीक्षा की. इसका उद्देश्य ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्रों के साथ सरकारी एजेंसियों के लिये छात्रवृत्ति की मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाना है.

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गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने कुछ समय पहले दिल्ली में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए नौकरियों में 10% आरक्षण के मोदी सरकार के फैसले को लागू कर दिया था.यह नियम 1 फरवरी और उसके बाद निकली सभी नौकरियों में 10% EWS आरक्षण लागू होगा. इस नियम का दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले सभी विभाग, कॉरपोरेशन, बोर्ड, ऑटोनोमस बॉडीज में इस फैसले का लाभ मिलेगा. दिल्ली में सर्विस विभाग चुनी हुई सरकार के पास नहीं, बल्कि एलजी के ज़रिए केंद्र सरकार के अधीन है इसलिए एक सर्कुलर के ज़रिए इस फैसले को लागू कराने के लिए सर्कुलर निकाला गया. मोदी सरकार ने दिसंबर महीने में राजस्थान छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश राज्यों में हार के बाद 10% आरक्षण आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लिए देने का फैसला किया था, जिसको संसद में भी पास कराया गया था. 

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बता दें कि सवर्ण वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 जनवरी को मुहर लगाई थी. इसके बाद आरक्षण व्यवस्था को लागू करने के लिए 8 जनवरी को लोकसभा में संविधान का 124वां संशोधन विधेयक 2019 पेश किया गया था. लंबी बहस के बाद यह विधेयक लोकसभा में पास हो गया.

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इसके अगले दिन राज्यसभा में इस संशोधन विधेयक को पेश किया गया और लंबी बहस के बाद यहां भी पास कर दिया गया. दोनों सदनों से बिल पास होने के बाद मंजूरी के लिए राष्ट्रपति कोविंद के पास भेजा गया. जहां राष्ट्रपति कोविंद ने भी बिल पर हस्ताक्षर कर अपनी मंजूरी दे दी. यह आरक्षण अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों को मिलने वाले 49.5 फीसदी आरक्षण से अलग होगा. 

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