- CM रेखा गुप्ता ने सुनहरी नाले से गाद निकालने और बारापुला ब्रिज फेज-3 के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया.
- सुनहरी नाले से 50 हजार मीट्रिक टन गाद निकालनी है, जिसमें अब तक 14 हजार मीट्रिक टन गाद निकाली जा चुकी है.
- बारापुला फेज-3 कॉरिडोर 13.3 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 6-लेन सड़क के साथ 4.3 किलोमीटर साइकिल ट्रैक भी होगा.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दक्षिण दिल्ली स्थित सुनहरी नाले से निकाली जा रही गाद के कार्य का निरीक्षण किया. इसके अलावा, उन्होंने दक्षिण दिल्ली और पूर्वी दिल्ली को जोड़ने वाले निर्माणाधीन बारापुला ब्रिज, फेज़-3 के निर्माण कार्य की भी मौके पर जानकारी ली.
इस निरीक्षण में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता, गति और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार पिछली सरकारों द्वारा छोड़ी गई लिगेसी (पुरानी) समस्याओं का समाधान कर रही है. पूर्व सरकार कई अधूरी व अवैज्ञानिक योजनाएं छोड़कर गई हैं, जिनमें ये दोनों भी शामिल हैं.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
मुख्यमंत्री के इस निरीक्षण कार्य में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह व संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सुनहरी नाला (बारापुला ड्रेन) से जुड़ी कॉलोनियों को हर मानसून में भारी जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता रहा है, जिसके समाधान के लिए इस एक किलोमीटर लंबे नाले से 50 हजार मीट्रिक टन गाद निकाली जानी है, जिसमें से करीब 14 हजार मीट्रिक टन गाद निकाल ली गई है. इस नाले की सफाई के लिए न तो उचित आउटलेट और स्लैब सिस्टम बनाए गए, जिस कारण भारी मात्रा में गाद जमा होने से आसपास की कॉलोनियों को मॉनसून के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा था.
मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली मेट्रो रेल निगम इसकी सफाई कर रहा है और उम्मीद है कि अगले साल मॉनसून से पहले इस नाले को पूरी तरह साफ कर लिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले का ऑडिट किया जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भविष्य की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना इतने बड़े ड्रेन का निर्माण कैसे किया गया.
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन बारापुला फेज़-3 कॉरिडोर की प्रगति की भी समीक्षा की और कहा कि यह परियोजना दिल्ली की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी. यह एलिवेटेड कॉरिडोर सराय काले खां को मयूर विहार-I से जोड़ेगा. इसके तहत सराय काले खां से मयूर विहार तक डक्ट सहित उन्नत सड़क का निर्माण किया जाएगा. लगभग 13.3 किलोमीटर लम्बे इस 6-लेन कॉरिडोर में 4.3 किलोमीटर लंबी साइकिल ट्रैक की सुविधा भी उपलब्ध होगी. इसके अतिरिक्त, परियोजना में 500 मीटर लंबा 6-लेन का एक्स्ट्रा डोज़ ब्रिज शामिल है, जो देश का पहला ऐसा पुल होगा, जिसमें दोनों ओर डेडिकेटेड वॉकवे और साइकिल ट्रैक बनाए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने बताया कि बारापुला कॉरिडोर ईस्ट दिल्ली (मयूर विहार) से साउथ दिल्ली (एम्स) के बीच कनेक्टिविटी को सुगम बनाएगा और सिग्नल-फ्री कॉरिडोर प्रदान करेगा. यह मौजूदा डीएनडी फ्लाईओवर और एनएच-24 पर यातायात के बोझ को कम करेगा और प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख वाहनों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी. उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना में आधुनिक निर्माण तकनीक और उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, ताकि संरचना मजबूत, सुरक्षित और दीर्घकालिक बनी रहे.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार केवल समस्याओं की पहचान ही नहीं कर रही है, बल्कि दशकों से चली आ रही लापरवाहियों पर मरहम लगाने का काम भी कर रही है. जलभराव, प्रदूषण और ट्रैफिक, तीनों मोर्चों पर दिल्ली को राहत दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
इस अवसर पर दिल्ली के पीडब्ल्यूडी व जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि इस परियोजना में लगातार पिछली सरकार द्वारा की गई लापरवाही के कारण वर्षों की देरी हुई. वर्तमान सरकार ने मामले पर लगातार निगरानी रखी और अब सभी आवश्यक अनुमति मिल गई हैं. परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं