- दिल्ली के जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से एचडीएफसी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर कमल की मौत हो गई.
- कमल की गड्ढे में गिरने से हुई मौत ने दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
- दिल्ली जल बोर्ड नियमों के अनुसार, गड्ढे की खुदाई के दौरान उचित बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत अनिवार्य होते हैं.
देश की राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक शख्स की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) ने सड़क के बीचों बीच एक गड्ढा खोद दिया. गड्ढे को न बंद करने की जहमत उठाई गई और न बैरिकेडिंग की गई. यहां तक की मौके पर कोई चेतावनी बोर्ड भी नहीं लगाया गया. बाइक सवार एचडीएफसी बैंक के असिस्टेंट मैनेजर कमल की इस गड्ढे में गिरकर मौत हो गई. हालांकि कमल की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इस तरह के गड्ढों को खोदने के लिए दिल्ली जल बोर्ड के नियम क्या है और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है.
पाइप बिछाने के लिए गड्ढा खोदने के लिए मुख्य नियम (DJB)
आम तौर पर अलग-अलग टेंडर के साथ बदलते रहते हैं – सीवेज, पानी की सप्लाई, पाइप का साइज, पाइप की गहराई पर निर्भर करता है.
बैरिकेडिंग और सुरक्षा:
- दोनों सिरों पर बोर्ड
- खुदाई शुरू होने से पहले सभी गड्ढे के चारों ओर कम से कम तय ऊंचाई (आम तौर पर 2 मीटर) की शीट बैरिकेडिंग लगाई जानी चाहिए
- शीट को फ्लोरोसेंट पेंट से लाल और सफेद धारियों में रंगा जाना चाहिए
- बैरिकेड तब तक लगे रहने चाहिए जब तक गड्ढे को वापस मिट्टी से न भर दिया जाए और सतह को ठीक न कर दिया जाए
- ट्रैफिक को अलर्ट करने के लिए काम की जगह से पहले चेतावनी सिग्नल लगाए जाने चाहिए
खुदाई और मिट्टी का मैनेजमेंट:
- मिट्टी धंसने से बचाने के लिए खोदी गई मिट्टी/सामान को गड्ढे के पास नहीं रखा जा सकता
वापस मिट्टी भरना और मरम्मत:
- कंस्ट्रक्शन के दौरान धीरे-धीरे मिट्टी भरने और सतह को ठीक करने का काम किया जाना चाहिए.
- लोगों को परेशानी से बचाने के लिए फालतू मिट्टी/मलबे को उसी दिन साइट से हटा देना चाहिए.
- पाइप लगाने के 48 घंटे के अंदर सड़क की मरम्मत पूरी हो जानी चाहिए.
जिम्मेदारी किसकी?
- मुख्य जिम्मेदारी: DJB कानूनी तौर पर किसी भी जमीन पर या उसके आस-पास सुरक्षित हालात बनाए रखने और सही सावधानियां (जैसे बैरिकेडिंग और सुरक्षा संकेत) बरतने के लिए जिम्मेदार है, जहां वे काम कर रहे हैं.
- लापरवाही की जिम्मेदारी: कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि DJB, मुख्य मालिक/एजेंसी होने के नाते, ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकता, अगर गड्ढे को सुरक्षित करने में उनकी लापरवाही से किसी की मौत या चोट लगती है
- ठेकेदार की जिम्मेदारी: हालांकि DJB जनता के प्रति जिम्मेदार है, लेकिन अगर दुर्घटना ठेकेदार द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन न करने के कारण हुई है तो वे ठेकेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने या मुआवजा वसूलने के हकदार हैंं.
बता दें कि कमल अपनी बाइक सहित गड्ढे में गिर गया. रात भर पूरा परिवार कमल को ढूंढता रहा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. हालांकि सुबह सात बजे पुलिस का फोन आया और तब परिवार को पता चला कि अब कमल इस दुनिया में नहीं है.
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