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संसद के पास हिंसा मामले में FIR, हत्या के प्रयास का भी केस दर्ज; किसने दी थी शिकायत

दिल्ली पुलिस की तरफ से दर्ज पहली FIR में हत्या की कोशिश, सरकारी कर्मचारी पर हमला, ड्यूटी में बाधा, गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और लोगों की जान को खतरे में डालने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं.

संसद के पास हिंसा मामले में FIR, हत्या के प्रयास का भी केस दर्ज; किसने दी थी शिकायत
सीजेपी संसद मार्च में हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की पहली FIR में क्या लिखा है.
  • कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ थाने में पहली FIR दर्ज की है
  • FIR में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराएं लगाई गईं, जिनमें BNS धारा 109(1) प्रमुख है
  • आरोप है कि पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया और उन्हें घेरकर चप्पल और पत्थर मारे गए
नई दिल्ली:

कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा पर दिल्ली पुलिस की तरफ से दर्ज पहली FIR की कॉपी सामने आई है. कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. हत्या की कोशिश (BNS 109(1))की धारा रेल भवन और संसद के बेहद नजदीक हुई हिंसा मामले में लगाई गई है. ये FIR कर्तव्य पथ थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें रफी मार्ग पर हुई हिंसा का पुलिस पक्ष दर्ज किया गया है. 

हिंसा पर दर्ज FIR में कौन से आरोप?

FIR के मुताबिक, इंस्पेक्टर की ड्यूटी सुबह 5 बजे से C-Hexagon, ज़ोन-11 (पिंक बूथ) पर थी. वायरलेस सूचना मिलने पर पुलिस टीम रेल भवन राउंडअबाउट के बैरिकेड्स पर पहुंची, जहां हजारों प्रदर्शनकारी मौजूद थे. लाउडस्पीकर से BNSS की धारा 163 लागू होने और प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की घोषणा की गई. चेतावनी देने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं हटे और नारेबाजी करते रहे. कुछ लोगों ने भीड़ को बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने के लिए उकसाया.

हत्या की नीयत से हमला करने का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को घेरा, मारपीट की और उन पर चप्पल और पत्थर भी फेंके. भीड़ ने पुलिसकर्मियों की हत्या की नीयत से हमला किया, जिससे कई जवान घायल हो गए. इस दौरान सरकारी संपत्ति और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया. संसद और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.इस मामले में BNS की 13 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. 

CJP संसद मार्च में हिंसा पर पुलिस की FIR

FIR में हत्या की कोशिश, सरकारी कर्मचारी पर हमला, ड्यूटी में बाधा, गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और लोगों की जान को खतरे में डालने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं. बता दें कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों में 129 पुलिसकर्मी और 60 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए थे. 

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