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This Article is From May 09, 2019

दिल्ली के स्कूलों की दशा सुधर गई? बीजेपी नेता ने CM केजरीवाल से पूछा-कितने मंत्रियों और विधायकों के बच्चे पढ़ते हैं?

बीजेपी नेता का सवाल- अगर दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों के बच्चे दाखिला ले रहे हैं तो डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया और दूसरे मंत्रियों-विधायकों के बच्चे क्यों नहीं यहां पढ़ते?बीजेपी नेता ने कानून बनाकर इसे अनिवार्य करने की मांग की.

दिल्ली के स्कूलों की दशा सुधर गई? बीजेपी नेता ने CM केजरीवाल से पूछा-कितने मंत्रियों और विधायकों के बच्चे पढ़ते हैं?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया.( फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

दिल्ली में आम आदमी पार्टी(AAP) की ओर से शिक्षा क्षेत्र में उठाए गए कदमों की चर्चा होती है. कई मौकों पर आप नेता तस्वीरों के जरिए सरकारी स्कूलों की दशा सुधरने का दावा करते हैं. आम आदमी पार्टी सरकार न केवल नए स्कूलों को खोलने के साथ पुराने स्कूलों की सूरत संवारने की दिशा में खुद को लगातार सक्रिय बताती है, बल्कि यह भी दावा किया जाता है कि अब प्राइवेट स्कूलों के बच्चे भी सरकारी में दाखिला लेने लगे हैं.ऐसे में बीजेपी नेता अश्निनी उपाध्याय(Ashwini Upadhyay) ने इस दावे पर यह कहकर सवाल उठाए हैं कि अगर ऐसा है तो फिर डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया(Manish Sisodia) के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में क्यों पढ़ते हैं. अगर सचमुच दशा सुधर गई तो फिर दिल्ली सरकार के मंत्री और विधायक अपने बच्चों का दाखिला क्यों नहीं कराते. 

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दरअसल, दिल्ली सरकार में उप मुख्यमंत्री और शिक्षा महकमा देखने वाले  मनीष सिसौदिया ने रोहिणी में खुले एक स्कूल की तस्वीरों को ट्वीट करते हुए लिखा-यहां 95 पतिशत छात्र प्राइवेट स्कूलों से आकर दाखिला लिए हैं. इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से निकाल कर सरकारी स्कूलों में भर्ती करा रहे हैं. दूसरी पार्टियां 15- 15 साल राज करने के बाद भी अन्य राज्यों में ये नहीं कर पाईं जो आम आदमी सरकार ने मात्र तीन साल में कर दिया. तो हो तो सकता है- अगर नीयत सही हो तो.

इस पर बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने जवाब देते हुए ट्वीट किया-सर जी, दिल्ली सरकार के अधीन मात्र 5 ऐसे सरकारी स्कूलों का नाम बताइये जहां आम आदमी पार्टी के विधायकों और मंत्रियों के बच्चे पढ़ते हैं.अथवा @AamAadmiParty के मात्र पांच विधायकों का नाम बताइये, जिनके बच्चे दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं.अन्यथा अब झूठ पाखंड और दिखावे की राजनीति बंद करिए.

एक अन्य ट्वीट में बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने कहा- @ArvindKejriwal जी, यदि दिल्ली के स्कूलों की हालत सुधर गई है तो @msisodia जी के बच्चे प्राइवेट स्कूल में क्यों पढ़ते हैं? आप एक कानून बनाकर दिल्ली के विधायकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकारी स्कूल में पढ़ाना और सरकारी हॉस्पिटल में ईलाज कराना अनिवार्य क्यों नहीं कर देते हैं? एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा-माननीय @ArvindKejriwal जी, @AamAadmiParty के कितने विधायकों-मंत्रियों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और मोहल्ला क्लीनिक में इलाज कराते हैं?आपने या आपके परिवार ने आजतक कितनी बार मोहल्ला क्लीनिक में ईलाज कराया?यदि उत्तर नहीं दे सकते हैं तो ईमानदारी-सादगी का पाखंड बंद करिये.

वीडियो- अरविंद केज़रीवाल से बदसलूकी पर मनोज तिवारी ने खड़े किये सवाल 

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