- दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने नकली NCERT किताबों का बड़ा रैकेट पकड़ा है जिसमें 5011 किताबें बरामद
- गिरफ्तार आरोपी अरविंद कुमार ने 2022 से नकली किताबों का अवैध कारोबार शुरू किया
- रेड में पहली से 12वीं कक्षा तक हिंदी, अंग्रेजी की नकली किताबें मिलीं, जिन्हें बाजार में सप्लाई किया जाना था
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है. क्राइम ब्रांच की ARSC टीम ने शाहबाद दौलतपुर गांव में स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर NCERT की 5011 नकली (पायरेटेड) किताबें बरामद की हैं. इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से फैक्ट्री मालिक अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि दिल्ली‑एनसीआर में लंबे समय से नकली NCERT किताबों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं.
गुप्त सूचना पर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई
इस सिंडिकेट पर पुलिस की नजर बनी हुई थी. 12 मार्च को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि शाहबाद दौलतपुर के एक गोदाम में भारी मात्रा में पायरेटेड NCERT किताबें जमा की गई हैं, जिन्हें बाजार में सप्लाई किया जाना है. सूचना के आधार पर एसीपी संजय कुमार नागपाल की देखरेख में और इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी तथा इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने बताए गए गोदाम पर छापा मारा, जहां पहली कक्षा से लेकर बारहवीं तक की हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की हजारों किताबें बरामद की गईं.
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छापेमारी में हजारों पायरेटेड किताबें बरामद, आरोपी गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान NCERT के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने जांच के बाद पुष्टि की कि गोदाम में रखी गई सभी किताबें नकली हैं. पुलिस के अनुसार, यह पूरा अवैध नेटवर्क शाहबाद दौलतपुर स्थित इसी गोदाम से संचालित किया जा रहा था. गिरफ्तार आरोपी अरविंद कुमार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है, उसने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद IGNOU से M.A. की डिग्री भी हासिल की है. वह पहले प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, लेकिन सफलता न मिलने के बाद उसने वर्ष 2022 से नकली किताबों का अवैध कारोबार शुरू कर दिया.
आरोपी का बैकग्राउंड और आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया
पुलिस के मुताबिक, आरोपी का पारिवारिक बैकग्राउंड भी सामने आया है. उसके पिता पहले अखबार के हॉकर थे और वर्तमान में मधुबन चौक इलाके में एक स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं. वहीं, अरविंद कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है. वह पहले भी उत्तर रोहिणी और समयपुर बादली थानों में कॉपीराइट एक्ट के तहत दो बार गिरफ्तार हो चुका है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कुल 5011 पायरेटेड NCERT किताबें (कक्षा 1 से 12) जब्त की हैं. आरोपी के खिलाफ FIR नंबर 47/26, थाना क्राइम ब्रांच में BNS की धारा 318(4), 336(3), 340(2) के साथ‑साथ कॉपीराइट एक्ट और ट्रेडमार्क एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
डीसीपी (क्राइम) संजीव कुमार यादव ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब पुलिस इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. यह पता लगाया जा रहा है कि नकली NCERT किताबें कहां छापी जा रही थीं और दिल्ली‑एनसीआर के किन‑किन दुकानदारों को इनकी सप्लाई की जा रही थी, पुलिस आगे की जांच कर रही है.
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