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This Article is From Oct 23, 2018

बेल्जियम के अर्थशास्त्री जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ‘ज्ञान‘ के तहत दे रहे हैं लेक्चर

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ज्ञान (जीआईएएन) कार्यक्रम के तहत ‘‘एसमेट्रिक इंफॉर्मेशन एंड फाइनेंशियल कॉन्ट्रेक्ट्स‘‘ पर एक अल्प कालिक कोर्स शुरू हुआ.

बेल्जियम के अर्थशास्त्री जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ‘ज्ञान‘ के तहत दे रहे हैं लेक्चर
जामिया में "एसमेट्रिक इंफॉर्मेशन एंड फाइनेंशियल कॉन्ट्रेक्ट्स‘‘ पर एक अल्प कालिक कोर्स शुरू हुआ.
नई दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ज्ञान (जीआईएएन) कार्यक्रम के तहत ‘‘एसमेट्रिक इंफॉर्मेशन एंड फाइनेंशियल कॉन्ट्रेक्ट्स‘‘ पर एक अल्प कालिक कोर्स शुरू हुआ. यह कोर्स बेल्जियम के विश्व विख्यात अर्थशास्त्री एलेन डी क्रामब्रघ की सरपरस्ती में चलेगा. भारत सरकार के ज्ञान कोर्स के अंतर्गत यह 30वां कोर्स होगा. ज्ञान कोर्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर के अपने अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ यूनिवसर्टी में आकर खास विषयों पर अल्पकालिक कोर्स चलाते हैं. इस कोर्स में जेएमआई के अलावा देश भर के अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र भी दाखिला ले सकते हैं.

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सरकार की ओर से यह महत्वपूर्ण कोर्स इसलिए चलाया जा रहा है, जिससे कि देश के केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के छात्रा विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों से सीधे नवीनतम ज्ञान हासिल कर सकें. एलेन डी क्रामब्रघ बैंकिंग एवं फाइनेंशियल मार्केट्स से जुड़े विभिन्न आयाम से छात्रों को दो चार कराएगें. इस कोर्स का आयोजन जेएमआई के इकोनॉमिक्स विभाग द्वारा किया जा रहा है. इसके संयोजक इस विभाग के डा मिर्ज़ा आलिम बेग और प्रो शाहिद अशरफ हैं.
    
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सोमवार से शुरू हुए इस कोर्स में क्रामब्रघ भारतीय बाज़ार में समय समय पर उठने वाली अत्यधिक अस्थिर स्थिति के संदर्भ में एसमेट्रिक इंफॉर्मेशने के महत्व के बारे में बताया जाएगा. इस कोर्स के उद्घाटन सत्र में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पूर्व सचिव प्रो. एस एन मोहंती मुख्य अतिथि थे. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 के अपने इंग्लैंड के दौरे के समय ज्ञान कोर्स चलाने का विचार रखा, जिससे कि भारत के विश्वविद्यालयों के छात्र विश्व के हर क्षेत्र के नवीनत ज्ञान से परिचित हो सकें.

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जेएमआई के वाइस चांसलर प्रो शाहिद अशरफ ने आईएल एवं एफएस मामले का उदाहरण देते हुए भारत में वित्तीय करारों को लागू करने में कमज़ोरी की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि इसे चुस्त दुरूस्त बनाने की सख्त जरूरत है. प्रो. अमान जैयराजपुरी ने ज्ञान कोर्स के महत्व को बताते हुए कहा कि इससे जेएमआई सहित देश के अन्य विश्वविद्यालयों को दुनिया के नवीनत ज्ञान को जानने के साथ ही विश्व भर के विश्वविद्यालयों से मिलकर अनुसंधान करने का मौका मिला है.  

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