19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के साथ ही दिल्ली सहित पूरे देश में शादियों का सीजन शुरू हो रहा है. 19 अप्रैल से 13 जुलाई तक शादियों के 28 शुभ मुहूर्त हैं. अकेले दिल्ली में इन दिनों 3 लाख शादियां होने की उम्मीद है. व्यापारियों का मानना है कि तेल संकट से जूझती अर्थव्यवस्था के लिए ये शादियां ऊर्जा का काम करेंगी. उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री CTI चेयरमैन बृजेश गोयल के मुताबिक अब दिल्ली और देश भर के व्यापारी शादियों के आगामी सीजन में बड़े व्यापार की उम्मीद के साथ तैयारी में जुटे हैं, 19 अप्रैल अक्षय तृतीया से शादियों का सीजन शुरू हो रहा है.
देश भर में 35 लाख शादियों से 3 लाख करोड़ के कारोबार का अनुमान
उन्होंने बताया कि इस बार शादियों के सीजन में देश भर में 35 लाख शादियां होने का अनुमान है, जिससे देश भर में 3 लाख करोड़ रुपए का कारोबार होने का अनुमान है. वहीं दिल्ली में लगभग 3 लाख शादियों से 50000 करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद है.
दिल्ली के प्रमुख बाजारों में दिख रही शादी की रौनक
इसी के चलते दिल्ली के प्रमुख बाजार चांदनी चौक, सदर बाजार, कूचा महाजनी, किनारी बाजार, खारी बावली, नया बाजार, कमला नगर, करोल बाग, लाजपत नगर, सरोजिनी नगर, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन आदि बाजारों में कपड़े, लहंगे, साड़ी, सूट, ज्वेलरी, गिफ्ट आइटम, सजावटी सामान, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स, शादी कार्ड्स, गोटा जरी, फुटवियर, कॉस्मेटिक आदि के सामान की दुकानों में अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है.
जीएसटी में कटौती से खरीदारी में आया बदलाव
CTI वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीपक गर्ग और उपाध्यक्ष राहुल अदलखा ने बताया कि पिछले साल GST की दरों में कटौती के बाद उपभोक्ता के खरीदी व्यवहार में बड़ा परिवर्तन आया है और वो अब विदेशी सामान के मुकाबले भारतीय उत्पादों को खरीदने में ज्यादा तरजीह दे रहे हैं.
वोकल फॉर लोकल वेडिंग्स की अपील
CTI Vocal for local अभियान चला रही है. इस अभियान ने चीनी लाइटिंग, कृत्रिम सजावट और गिफ्ट एक्सेसरी जैसे आयातित उत्पादों की मौजूदगी को काफी घटा दिया है. पारंपरिक कारीगरों, ज्वैलर्स और वस्त्र उत्पादकों को भारी ऑर्डर मिल रहे है.
शादी सीजन में 50 लाख से अधिक रोजगार सृजन की संभावना
CTI के अनुमान के मुताबिक शादी सीजन 2026 से 50 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिससे डेकोरेटर, कैटरर, फ्लोरिस्ट, कलाकार, ट्रांसपोर्टर और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लोग सीधे लाभान्वित होंगे. वस्त्र, ज्वैलरी, हैंडीक्राफ्ट, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे एमएसएमई क्षेत्रों को भी मौसमी बढ़ावा मिलेगा.
सीटीआई के अधिकारियों ने बताया कैसे बाजार में आएगी बूम
सीटीआई सचिव कुंज नाकरा और उपाध्यक्ष राजेश खन्ना के अनुसार, शादी के खर्च को सामान और सेवाओं के बीच विभाजित किया जाता है, जिसमें मुख्य रूप से वस्त्र, साड़ियां, लहंगे, और अन्य परिधान पर 10%, आभूषण 15%, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली उपकरण, और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 5%, सूखे मेवे, मिठाइयाँ, और स्नैक्स 5%, किराना और सब्जियाँ 5%, उपहार आइटम्स 4% तथा अन्य वस्तुओं पर 6% का अमूमन खर्च होता है.
दूसरी ओर शादी सेवा क्षेत्र में बैंक्वेट हॉल, होटल, और शादी के स्थल 5%, इवेंट मैनेजमेंट 3%, टेंट सजावट 10%, केटरिंग एवं सेवाएँ 10%, फूल सजावट 4%, परिवहन और कैब सेवाएँ 3%, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी 2%, ऑर्केस्ट्रा, संगीत आदि 3%, लाइट और साउंड 3% तथा अन्य सेवाएँ 7%, के खर्च के अंदाज़ से संपन्न होती हैं.
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