दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल के प्रदर्शनों के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है. प्रदर्शन स्थल के आगे और पीछे लगाए गए बैरिकेड्स को अब वेल्डिंग के जरिए स्थायी रूप से मजबूत किया जा रहा है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़ी संख्या में आने वाले प्रदर्शनकारी तय सीमा के भीतर ही रहें और किसी भी स्थिति में सुरक्षा घेरा आसानी से न तोड़ सकें.
वेल्डिंग कर जोड़े जा रहे सभी बैरिकेड्स
जंतर-मंतर पर आमतौर पर प्रदर्शनों के दौरान अस्थायी बैरिकेड्स लगाए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार प्रशासन अलग तैयारी कर रहा है. सभी बैरिकेड्स को आपस में मजबूती से जोड़ा जा रहा है. जिस स्थान पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे थे, वहां भी दोनों ओर वेल्डिंग का काम किया गया है. इससे बैरिकेड्स को हटाना या तोड़ना पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो जाएगा.
बड़े और उग्र प्रदर्शनों को ध्यान में रखकर तैयारी
प्रशासन का मानना है कि यदि भविष्य में कोई बड़ा या उग्र प्रदर्शन होता है और प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने या बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करते हैं, तो स्थायी और मजबूत बैरिकेड्स सुरक्षा बनाए रखने में मदद करेंगे. यह कदम हालिया प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है, जहां भीड़ को नियंत्रित करना एक बड़ी चुनौती बन गया था.
जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती
बैरिकेड्स को मजबूत किए जाने के साथ-साथ जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी जारी हैं. मौके पर बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात हैं. सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को तुरंत रोका जा सके.
आगे और सख्त हो सकती है व्यवस्था
जंतर-मंतर लंबे समय से राजधानी में विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है. प्रशासन की नई तैयारी यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में यहां सुरक्षा और भी सख्त हो सकती है. फिलहाल बैरिकेड्स को स्थायी रूप से मजबूत करने का काम तेजी से जारी है.
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