गुड़गांव के एक निजी स्कूल में छात्र की हत्या की घटना हुई थी.
- स्कूल में जिस बच्चे को मारा गया, उसे 'प्रिंस' कहा जाएगा
- स्कूल के नाम की जगह 'विद्यालय' शब्द का प्रयोग होगा
- मामले में पहले पकड़े गए कंडक्टर को आरोपमुक्त किया
नई दिल्ली:
गुड़गांव के एक स्कूल में बीते साल एक बच्चे की हत्या के मामले में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया है. इस मामले में पहले पकड़े गए कंडक्टर को आरोपमुक्त कर दिया गया है. अब मुख्य आरोपी एक छात्र है. मगर कोर्ट ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी की पहचान उजागर नहीं की जाएगी.
जब सीबीआई ने चार्जशीट दायर की तो अदालत ने आदेश दिया कि सबकी गोपनीयता बरकरार रखी जाएगी. अब उस स्कूल को विद्यालय कहा जाएगा, आरोपी छात्र का जिक्र भोलू के तौर पर होगा और जिस बच्चे को मारा गया, उसे प्रिंस कहा जाएगा.
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कई अहम सबूत पेश करने का दावा किया है. जिस वाशरूम में प्रिंस की हत्या हुई, वहां से मिले अंगुलियों के निशान आरोपी भोलू के निशान से मिलते हैं. हत्या जिस हथियार से हुई, उस चाकू की पहचान हो गई है. आरोपी भोलू के मोबाइल और ईमेल से भी एजेंसी को सबूत मिले हैं. सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई है.
सीबीआई ने मौक़ा ए वारदात के हालात और कुछ गवाहियों को भी आधार बनाया है. वारदात के पहले और बाद में आरोपी के व्यवहार को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है. मकसद वही बताया जा रहा है, इम्तिहान रुकवाना और पीटीएम टलवाना.
भोलू नाबालिग है, मगर उस पर बालिग की तरह केस चलेगा, यह पहले ही तय हो चुका है. खास बात यह है कि 2000 पन्नों की अपनी चार्जशीट में सीबीआई ने कंडक्टर को आरोपमुक्त करने को कहा है.
VIDEO : स्कूल बस के कंडक्टर को मिली जमानत
वैसे सीबीआई को इस मामले में स्कूल और पुलिस की भूमिका की भी जांच करनी है. आखिर इस मामले में सबसे पहले एक कंडक्टर को आरोपी बनाया गया था जिसे अब छोड़ दिया गया है. अदालत ने मामले की संवेदनशीलता समझते हुए इनकी पहचान उजागर करने पर रोक लगाई है, लेकिन सवाल है कि हमारे स्कूलों में ऐसा माहौल कैसे बन गया है जिसमें बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं.
जब सीबीआई ने चार्जशीट दायर की तो अदालत ने आदेश दिया कि सबकी गोपनीयता बरकरार रखी जाएगी. अब उस स्कूल को विद्यालय कहा जाएगा, आरोपी छात्र का जिक्र भोलू के तौर पर होगा और जिस बच्चे को मारा गया, उसे प्रिंस कहा जाएगा.
सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कई अहम सबूत पेश करने का दावा किया है. जिस वाशरूम में प्रिंस की हत्या हुई, वहां से मिले अंगुलियों के निशान आरोपी भोलू के निशान से मिलते हैं. हत्या जिस हथियार से हुई, उस चाकू की पहचान हो गई है. आरोपी भोलू के मोबाइल और ईमेल से भी एजेंसी को सबूत मिले हैं. सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई है.
सीबीआई ने मौक़ा ए वारदात के हालात और कुछ गवाहियों को भी आधार बनाया है. वारदात के पहले और बाद में आरोपी के व्यवहार को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है. मकसद वही बताया जा रहा है, इम्तिहान रुकवाना और पीटीएम टलवाना.
भोलू नाबालिग है, मगर उस पर बालिग की तरह केस चलेगा, यह पहले ही तय हो चुका है. खास बात यह है कि 2000 पन्नों की अपनी चार्जशीट में सीबीआई ने कंडक्टर को आरोपमुक्त करने को कहा है.
VIDEO : स्कूल बस के कंडक्टर को मिली जमानत
वैसे सीबीआई को इस मामले में स्कूल और पुलिस की भूमिका की भी जांच करनी है. आखिर इस मामले में सबसे पहले एक कंडक्टर को आरोपी बनाया गया था जिसे अब छोड़ दिया गया है. अदालत ने मामले की संवेदनशीलता समझते हुए इनकी पहचान उजागर करने पर रोक लगाई है, लेकिन सवाल है कि हमारे स्कूलों में ऐसा माहौल कैसे बन गया है जिसमें बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं.
पूरी स्टोरी पढ़ें
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Gurgaon School Boy Murder