गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो गाड़ी के अंदर पोर्टेबल मशीन से अवैध भ्रूण लिंग की जांच किया करता है. ये शहर में खुलेआम कार के अंदर लिंग जांच का नेटवर्क संचालित कर रहे थे और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी टीम को भी काफ़ी समय से चकमा देकर इस काम में लगे थे.
स्वास्थ्य विभाग निगरानी टीम ने शनिवार देर रात मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए कार संख्या UP14 FL 9355 को रोका तो उसमे पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और दूसरी कई चीजें बरामद हुई. इसके बाद अवैध भ्रूण लिंग जांच के खेल का खुलासा हुआ. निगरानी टीम ने मौके से संदीप, सलमान, शाहिद और तरलोक को पकड़ा.
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की नियमित निगरानी और पीसीपीएनडीटी सेल भी इनसे पूछताछ करेगी. यह नेटवर्क कब से संचालित हो रहा था और अब तक विभाग की नजर से कैसे बचा रहा ? बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी संदीप के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं. जानकारी के अनुसार, ये अपने एजेंटों के जरिये ऐसे दंपत्तियों को चुनते थे जो भ्रूण लिंग जांच कराना चाहते थे, फिर उनसे मोटी रकम वसूलकर इस काम को अंजाम देते थे. इनके साथ और कितने लोग मिले हुए थे और उनकी क्या भूमिका थी इस बात की भी जानकारी की बात कही जा रही है.

गिरोह के अन्य लोगों की तलाश में पुलिस
गाजियाबाद में चलती कार में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह की गिरफ्तारी को लेकर एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि ये लोग पिछले काफी समय से इस काम को कर रहे थे. पुलिस, स्वास्थ्य और प्रशासन की सयुंक्त टीम ने ने धर दबोचा. इनके पास दिल्ली और NCR से महिलाएं भ्रूण लिंग परीक्षण जांच के लिए आती थी. अब तक ये कितनी महिलाओं की जांच कर चुके है और इनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी गहनता से जांच की जा रही है.
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